नई दिल्ली, 02 जुलाई 2026 । दिल्ली चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों के लिए वन्यजीवों को देखने का अनुभव जल्द ही और रोमांचक होने वाला है। चिड़ियाघर प्रशासन आधुनिक सुविधाओं के तहत कुछ बाड़ों में मजबूत पारदर्शी शीशे (ग्लास व्यूइंग बैरियर) लगाने की योजना पर काम कर रहा है। इससे पर्यटक जानवरों को पहले की तुलना में अधिक करीब से देख सकेंगे, जबकि उनके और वन्यजीवों के बीच पूरी तरह सुरक्षित दूरी बनी रहेगी।
रेप्टाइल हाउस का होगा निर्माण
- केंद्र सरकार के डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (DIB) से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना अब जमीन पर पर काम शुरू हो गया है।
- सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) के अधिकारियों के मुताबिक, डिजाइन की डीपीआर और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (PMC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीवों के बाड़ों का निर्माण नए सिरे से शुरू होगा।
- अभी एरिना (जहां विजिटर्स के देखने के लिए वन्य जीव लाए जाते हैं) में विजिटर्स वन्यजीवों को काफी दूर से देख पाते हैं। एरिना की बनावट को ठीक किया जाएगा।
- इसके तहत कई बाड़ों में वन्य जीव और लोगों के बीच सिर्फ ग्लास की दीवार होगी।
- वहीं नाइट शेल्टर भी आधुनिक मानकों के अनुसार बनाए जाएंगे। इसके अलावा नए रेप्टाइल हाउस का भी निर्माण होगा। फिलहाल चिड़ियाघर में 72 बाड़ों में वन्यजीव रखे गए हैं।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर विज़िटर अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ जानवरों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है। पारदर्शी शीशे की दीवार के कारण लोहे की जालियों या अन्य अवरोधों की दृश्य बाधा कम होगी, जिससे वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार अधिक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि यह पहल वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और परिवारों, बच्चों तथा पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने में सहायक होगी। सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की योजना है।