करनाल , 30 जून् 2026 । हरियाणा के करनाल में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े 6 संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध हथियार और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई को संगठित अपराध और गैंग नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
पूर्व पार्षद पवन ने रंजिश में दी थी मर्डर की सुपारी
सीआईए वन के इंचार्ज संदीप ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पवन नामक एक मुख्य आरोपी भी शामिल है, जो साल 2013 में कलानौर से पार्षद रह चुका है। पहली टारगेट किलिंग (कलानौर): पूर्व पार्षद पवन की कलानौर के ही रहने वाले ‘अवतार’ नाम के व्यक्ति के साथ पुरानी चुनावी और निजी रंजिश चल रही थी। अवतार ने पवन के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उनके बीच पहले लड़ाई-झगड़ा भी हुआ था। इसी का बदला लेने के लिए पवन ने अवतार की हत्या की पूरी साजिश रची थी। पूछताछ में सामने आया कि इन बदमाशों को दूसरी वारदात पंजाब के फिरोजपुर में अंजाम देनी थी। वहां इन्हें ‘चंदू फिरोजपुरिया’ नामक व्यक्ति की हत्या करनी थी। बदमाश इन दोनों हत्याओं को अंजाम दे पाते, इससे पहले ही करनाल सीआईए ने जाल बिछाकर इन्हें दबोच लिया।
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से कई पिस्तौल और अन्य अवैध हथियार बरामद हुए। बरामद हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में हुआ था या नहीं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े हुए थे और उन्हें विभिन्न आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। हालांकि, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और वे किन मामलों में शामिल रहे हैं।
पूछताछ के दौरान पुलिस अन्य सहयोगियों, हथियारों की सप्लाई चेन और गैंग के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अंतरराज्यीय नेटवर्क या अन्य गैंग सदस्यों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
करनाल पुलिस ने इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता बताया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का दावा कर रही है।