देहरादून, 27 जून् 2026 । उत्तराखंड के देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल इन दिनों कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रिय कार्यशैली के कारण चर्चा में हैं। निहंग समूहों के उत्तराखंड में प्रवेश और संभावित तनाव की सूचना मिलते ही उन्होंने आधी रात को स्वयं मोर्चा संभाल लिया और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी की। उनकी अगुवाई में पुलिस और प्रशासन ने लगातार बातचीत कर हालात को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि रात करीब 12.54 बजे कुछ निहंगों के वाहनों के शिमला बाइपास तिराहे पर होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को वहां जानकारी मिली कि वे वापस लौट गए हैं। इसके बाद दो या तीन वाहनों के रिस्पना पुल की तरफ पहुंचने का पता चला। रात करीब एक बजे जोगीवाला में एक वाहन में कुछ निहंग जाते दिखाई दिए। रात करीब डेढ़ बजे कुछ वाहन रेसकोर्स इलाके में दिखने की सूचना मिली।
प्रमेन्द्र डोबाल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं और वर्ष 2026 में उन्हें देहरादून का SSP नियुक्त किया गया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी प्राथमिकताओं में महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।
निहंगों के मार्च की सूचना मिलने के बाद डोबाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कराई, सुरक्षा व्यवस्था का स्वयं निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। कई घंटों तक चली बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई और निहंग समूह शांतिपूर्वक वापस लौटने पर सहमत हो गया। अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम को बिना किसी बड़े टकराव के संभाला।
पुलिस महकमे में प्रमेन्द्र डोबाल को एक ऐसे अधिकारी के रूप में देखा जाता है, जो संवेदनशील मामलों में मौके पर पहुंचकर नेतृत्व करना पसंद करते हैं। हालिया घटनाक्रम में उनकी सक्रिय भूमिका ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।