देहरादून, 09 जून् 2026 । खानपुर विधायक उमेश कुमार एक ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए, जहां पुरानी विंटेज कार बेचने के नाम पर उनसे 4.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की गई। बताया जा रहा है कि पूरी डील व्हाट्सएप के माध्यम से हुई थी और आरोपी ने खुद को वाहन विक्रेता बताकर विधायक का विश्वास जीत लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उमेश कुमार विंटेज कार खरीदने में रुचि रखते थे। इसी दौरान उनकी बातचीत एक व्यक्ति से हुई, जिसने आकर्षक कीमत पर दुर्लभ पुरानी कार उपलब्ध कराने का दावा किया। व्हाट्सएप चैट और साझा की गई तस्वीरों के आधार पर सौदा आगे बढ़ा और आरोपी ने विभिन्न मदों में अग्रिम भुगतान की मांग की।
विश्वास में लेकर आरोपी ने चरणबद्ध तरीके से कुल 4.50 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। रकम मिलने के बाद न तो कार की डिलीवरी हुई और न ही विक्रेता ने संतोषजनक जवाब दिया। लगातार संपर्क करने पर जब कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो विधायक को ठगी का एहसास हुआ।
मामले की शिकायत संबंधित पुलिस और साइबर अपराध इकाई को दी गई है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान और ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन वाहन खरीदते समय केवल तस्वीरों और डिजिटल बातचीत के आधार पर भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी वाहन की वास्तविक जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और विक्रेता की पहचान की पुष्टि किए बिना बड़ी रकम का भुगतान करने से बचना चाहिए।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली व्यक्तियों को भी निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के दौरान सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।