नई दिल्ली, 08 जून् 2026 । सैदुलाजाब गांव में सात मंजिला बिल्डिंग गिरने से छह लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। जो इमारत गिरी थी वह अवैध रूप से बनी थी और आगे का काम भी अवैध रूप से हो रहा था। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के महरौली क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई इस सर्वे में महरौली इलाके में वॉर्ड नंबर दो, वॉर्ड नंबर 7 और वॉर्ड नंबर 8 में 1-2 नहीं बल्कि 113 अवैध निर्माण मिले। ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य किया गया है। इन स्थलों की सूची तैयार होने के बाद अब बड़े पैमाने पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
महरौली थाना पुलिस ने बीट ऑफिसर से कराया सर्वे
- महरौली थाना पुलिस ने ये सर्वे अपने बीट अफसरों से कराया था।
- दरअसल, बीट ऑफिसर को पता होता है कि किस कॉलोनी की किस गली में अवैध निर्माण चल रहा है। हादसे के बाद कुछ ही दिनों में बीट ऑफिसर ने तीन वॉर्डों का चप्पा-चप्पा छानकर अवैध निर्माण की लिस्ट तैयार की।
- लिस्ट में तीनों वॉर्डों के तहत आने वाले इग्नू रोड नेब सराय, छतरपुर डीएलएफ फार्म, छतरपुर एक्सटेंशन, छतरपुर गांव, आंबेडकर कॉलोनी, अंबिका कॉलोनी, फ्रीडम फाइटर एनक्लेव और पर्यावरण कॉम्प्लेक्स सहित दर्जनों कॉलोनियों में हो रहे अवैध निर्माण की पहचान की।
- सूत्रों ने बताया कि बीट ऑफिसर ने एसडीएम को भेजी गई लिस्ट में कॉलोनी का नाम और जहां अवैध निर्माण चल रहा है उसके एड्रेस के साथ-साथ प्रॉपर्टी मालिक का नाम भी दिया है।
- पुलिस ने लिस्ट के साथ अवैध निर्माण के फोटो भी भेजे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति, स्वीकृत नक्शे या निर्धारित भवन मानकों का पालन किए बिना निर्माण किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद क्षेत्र का सर्वेक्षण कराया गया और संदिग्ध निर्माण स्थलों की पहचान की गई। प्रशासन अब प्रत्येक मामले की जांच कर यह तय करेगा कि किन निर्माणों ने भवन नियमों और शहरी विकास कानूनों का उल्लंघन किया है।
बताया जा रहा है कि अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान के तहत संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए जा सकते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्माण सील करने, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र में अनियोजित विकास पर रोक लगाना और शहरी नियोजन मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
महरौली दिल्ली का एक ऐतिहासिक और तेजी से विकसित होने वाला इलाका है, जहां पिछले कुछ वर्षों में निर्माण गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। ऐसे में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी काफी चर्चा है। प्रशासन का कहना है कि कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चलाया जाएगा।
आने वाले दिनों में संबंधित विभागों की रिपोर्ट और जांच के आधार पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इस कार्रवाई का असर न केवल निर्माण गतिविधियों पर पड़ेगा, बल्कि भविष्य में अवैध निर्माण के मामलों पर भी सख्त संदेश जाएगा।