बबीता पांडे मिस्ट्री गहराई, अब गोई झील में उतरेगी डीप डाइव टीम! MBA छात्रा की तलाश में तेज हुआ सर्च ऑपरेशन

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उत्तराखंड , 03 जून्‌ 2026 । उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से लापता MBA छात्रा बबीता पांडे का मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है। दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान लापता हुई बबीता की तलाश में जुटी रेस्क्यू एजेंसियों ने अब सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाते हुए गोई झील पर विशेष फोकस किया है। जानकारी के अनुसार, छात्रा का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के बाद डीप डाइव टीम को भी अभियान में शामिल किया गया है।

गोई में ही बबीता अपने दोस्तों के साथ कैंप में रुकी हुई थी, जहां से बबीता रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई थी। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार 100 से ज्यादा सदस्यीय राहत एवं बचाव दल ने गोई के आसपास के घने जंगल, झाड़ियों आदि में खोज की है। लेकिन अब तक कुछ भी सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

बचाव दलों का मानना है कि गोई झील और उसके आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच जरूरी है। इसी कारण विशेषज्ञ गोताखोरों और तकनीकी उपकरणों की मदद से झील की तलहटी और आसपास के दुर्गम इलाकों की तलाशी ली जाएगी। खराब मौसम, ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं, लेकिन रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि 29 मई की रात ट्रेकिंग के दौरान बबीता अपने समूह से अलग हो गई थीं। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस, SDRF, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से खोज अभियान चला रहे हैं। ड्रोन, ट्रैकिंग उपकरणों और स्थानीय गाइडों की मदद भी ली जा रही है।

मामले में अब तक कई संभावनाओं पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है और उपलब्ध सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। परिवार भी लगातार प्रशासन से छात्रा को जल्द से जल्द खोजने की अपील कर रहा है।

बबीता पांडे के लापता होने का मामला पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, इस रहस्य को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। अब सभी की निगाहें गोई झील में शुरू होने वाले डीप डाइव ऑपरेशन पर टिकी हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है कि मामले से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

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