नई दिल्ली, भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। इस जीत के बाद प्रज्ञानानंदा की दुनिया भर में जमकर तारीफ हो रही है और भारतीय शतरंज जगत में उत्साह का माहौल है।
प्रज्ञानानंदा ने क्लासिकल मुकाबले में कार्लसन को हराकर तीन अंक हासिल किए। इस जीत से वे 4.5 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गए। विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख ने जीत का सिलसिला जारी रखा है। वे नंबर-2 पर हैं।
नॉर्वे चेस के बेहद रोमांचक मुकाबले में प्रज्ञानानंदा ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास भरा खेल दिखाया। उन्होंने अपनी रणनीति और धैर्य के दम पर कार्लसन पर लगातार दबाव बनाए रखा। लंबे और तनावपूर्ण मुकाबले के बाद भारतीय खिलाड़ी ने बाजी अपने नाम कर ली। यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि कार्लसन को शतरंज इतिहास के सबसे मजबूत खिलाड़ियों में गिना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रज्ञानानंदा ने मैच के दौरान बेहद परिपक्व खेल दिखाया। उन्होंने मिडिल गेम और एंड गेम में शानदार चालें चलीं, जिससे कार्लसन को वापसी का मौका नहीं मिला। कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन भारतीय खिलाड़ी की बढ़ती क्षमता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
यह पहली बार नहीं है जब प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को चुनौती दी हो। इससे पहले भी वह कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में विश्व चैंपियन को कड़ी टक्कर दे चुके हैं। हालांकि नॉर्वे चेस जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में मिली यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है।
भारत में शतरंज प्रेमियों और खेल विशेषज्ञों ने इस जीत को ऐतिहासिक बताया है। सोशल मीडिया पर भी प्रज्ञानानंदा की उपलब्धि को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल हस्तियों ने उन्हें भविष्य का विश्व चैंपियन बताया।
नॉर्वे चेस टूर्नामेंट दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज आयोजनों में से एक माना जाता है, जहां शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे में कार्लसन जैसी दिग्गज खिलाड़ी पर जीत हासिल करना भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए बड़ी उपलब्धि है।