बिहार , 27 मई 2026 । बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को केंद्र सरकर पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर की गई छापेमारी के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता Tejashwi Yadav ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने और विपक्षी नेताओं को डराने के लिए किया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि देश में लगातार विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई बढ़ रही है और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं, उनके खिलाफ ED, CBI और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है। तेजस्वी ने इसे “क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करने की साजिश” करार दिया।
राजद नेता ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और विपक्ष को दबाने की कोशिशों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय दल देश की राजनीति का अहम हिस्सा हैं और उन्हें कमजोर करने का प्रयास संघीय ढांचे के खिलाफ है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां कानून के दायरे में काम करती हैं और किसी भी कार्रवाई का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा का कहना है कि यदि किसी मामले में जांच एजेंसियों को सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सियासी टकराव और तेज हो सकता है। विपक्ष लगातार एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाता रहा है, जबकि केंद्र सरकार इन आरोपों को निराधार बताती आई है।
केरल में हुई ED की कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।