UP में वक्फ संपत्तियों पर बड़ा एक्शन: 31 हजार से अधिक संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द

0

लखनऊ , 23 मई 2026 । उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। राज्य सरकार और संबंधित विभागों की जांच के बाद 31 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रिकॉर्ड में गड़बड़ी, दस्तावेजों की कमी और नियमों के उल्लंघन के मामलों को लेकर की गई है।

प्रदेश में दर्ज 1,18,302 वक्फ संपत्तियों में से 31,328 का पंजीकरण रद्द हुआ। इनमें से 31,192 संपत्तियों के वक्फ दावों को भी निरस्त कर दिया गया है। जांच के दौरान कई संपत्तियों के खसरा नंबर वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। उसके बाद एक्श लिया गया है। मंत्रालय के मुताबिक कई मामलों में राजस्व अभिलेखों में दर्ज रकबे में बदलाव पाया गया। दस्तावेजों के मिलान और रिकॉर्ड सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं।

अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड और स्वामित्व को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमें हजारों संपत्तियों के दस्तावेजों की समीक्षा की गई। जांच में कई संपत्तियों के रिकॉर्ड अधूरे पाए गए, जबकि कुछ मामलों में नियमों के विपरीत रजिस्ट्रेशन होने की बात भी सामने आई।

सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी रिकॉर्ड को सही करने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है, उनके मामलों की आगे भी कानूनी जांच जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार के कदम पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया कानून और नियमों के तहत की गई है। मामले को लेकर कई संगठनों ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वक्फ संपत्तियों का सही रिकॉर्ड और पारदर्शी प्रबंधन जरूरी है, क्योंकि इन संपत्तियों का उपयोग सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की अनियमितता बड़े विवाद का कारण बन सकती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.