ऑस्ट्रेलिया सरकार का बड़ा कदम, पंजाबियों को निशाना बनाने वाले संगठन पर लगाया बैन
पंजाबी , 18 मई 2026 । ऑस्ट्रेलिया सरकार ने पंजाबी समुदाय को कथित रूप से निशाना बनाने और सामाजिक तनाव फैलाने के आरोपों के बीच एक संगठन पर सख्त कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले को वहां रह रहे भारतीय और विशेष रूप से पंजाबी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह न्यू नाजी संगठन देश में रह रहे गैर-श्वेत लोगों के प्रति देशवासियों में नफरत फैलाता था और नस्लीय टिप्पणियां करता था। इतना ही नहीं भारतीयों सहित सभी गैर-श्वेत समुदाय के लोगों को डराता-धमकाता भी था। इसके चलते सरकार ने इस संगठन को बैन कर दिया। साथ ही इस संगठन से जुड़ने वाले, इसका प्रचार करने वाले और इसे फंडिंग देने वाले को 15 साल की जेल हो सकती है।
क्या है न्यू नाजी संगठन
न्यू नाजी संगठन 2020 में बना था। यह एक ऐसा संगठन है जो एडॉल्फ हिटलर की नाज़ी विचारधारा से प्रेरित है। इस संगठन का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ श्वेत लोगों के लिए है और भारतियों सहित सभी गैर-श्वेत लोगों का देश पर कोई अधिकार नहीं है। इस संगठन का लक्ष्य था कि सभी अप्रवासियों और गैर-श्वेत समुदाय के लोगों को देश से बाहर निकाला जाए।
सूत्रों के अनुसार संबंधित संगठन पर समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ गतिविधियों, धमकी भरे अभियानों और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के आरोप लगाए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और जांच के आधार पर सरकार ने संगठन की गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा मानते हुए यह कदम उठाया।
ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग, खासकर पंजाब से जुड़े छात्र, कारोबारी और पेशेवर रहते हैं। हाल के समय में कुछ घटनाओं और विरोध प्रदर्शनों के बाद वहां सामुदायिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी थी। सरकार के इस फैसले को समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त संदेश माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार लगातार कट्टरपंथ, नफरत फैलाने वाली गतिविधियों और सामुदायिक हिंसा से जुड़े मामलों पर कड़ी नजर रख रही है। ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य बहुसांस्कृतिक समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है।
भारतीय समुदाय और कई सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और पंजाबी समुदाय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों में निगरानी और सख्ती बढ़ा सकती हैं।