CM योगी बोले- ‘डबल इंजन सरकार’ ने यूपी में माफिया और अराजकता पर लगाई रोक, सुशासन को मिली नई पहचान
नई दिल्ली, 16 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कानून व्यवस्था और विकास को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” ने माफिया, अराजकता और दुष्प्रवृत्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर प्रदेश में सुशासन का माहौल बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, निवेश और विकास की नई तस्वीर उभरकर सामने आई है।
योगी ने महराजगंज में 208 करोड़ रुपये से अधिक की 79 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने इस दौरान विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “सही वोट से विकास, सुरक्षा, रोजगार और सुशासन सुनिश्चित होता है।” उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार ने माफिया, अराजकता और दुष्प्रवृत्तियों पर रोक लगाकर प्रदेश में सुशासन का माहौल बनाया है।”
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले प्रदेश में अपराध, भूमि कब्जा, रंगदारी और संगठित माफिया नेटवर्क का दबदबा था, जिससे आम जनता और व्यापारी वर्ग भय के माहौल में जीने को मजबूर थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कानून का राज स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में अपराधियों के बजाय निवेशकों और उद्योगों को प्राथमिकता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” का मतलब केवल राजनीतिक साझेदारी नहीं, बल्कि विकास योजनाओं को तेज गति से लागू करना भी है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं को उत्तर प्रदेश में प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारा गया, जिससे गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सीधा लाभ मिला है।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था के कारण बड़े उद्योग समूह निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान आगामी राजनीतिक रणनीति और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने का हिस्सा है। विपक्ष जहां इन दावों पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इसे यूपी में “नए शासन मॉडल” की सफलता बता रही है।