CM योगी ने युवाओं को बताया ‘2017 से पहले का सच’, बुद्धिजीवियों से कहा- बदलाव की कहानी नई पीढ़ी तक पहुंचाएं

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गोरखपुर , 16 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में हुए विकास और बदलाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और समाज के जागरूक वर्ग से युवाओं को 2017 से पहले की स्थिति के बारे में बताने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि प्रदेश पहले किन चुनौतियों से जूझ रहा था और पिछले कुछ वर्षों में किस तरह बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश ‘गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय दलों द्वारा शोषण’ से प्रभावित था। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को ‘गुंडा टैक्स’ देना पड़ता था, महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थीं और रोजगार के अवसर सीमित थे, जिससे कई युवा राज्य छोड़ने को मजबूर हुए। योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास, सुरक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करती है। उन्होंने गोरखपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि उर्वरक संयंत्र फिर से परिचालन में आया है, एम्स-गोरखपुर सुचारू रूप से काम कर रहा है और बीआरडी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पातल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कानून व्यवस्था, निवेश, रोजगार, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध, दंगों और अव्यवस्था से जोड़ी जाती थी, लेकिन अब राज्य तेजी से विकास और निवेश का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना चाहिए कि परिवर्तन अचानक नहीं आता, बल्कि इसके पीछे लगातार नीतियां, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनसहयोग होता है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बुद्धिजीवियों और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समाज को सही दिशा देने में शिक्षकों, लेखकों और विचारकों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को अतीत की चुनौतियों और वर्तमान उपलब्धियों की सही जानकारी मिलेगी तो वे राज्य के विकास मॉडल को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और भविष्य के प्रति अधिक जिम्मेदार बनेंगे।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में निवेशक आने से डरते थे, कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठते थे। लेकिन अब एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डिजिटल सेवाओं और औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए यूपी देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान केवल प्रशासनिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के बीच राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले चुनावी माहौल में ऐसे बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं।

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