किसानों के लिए बड़ी राहत: बिना रजिस्ट्री भी गेहूं बेच सकेंगे, CM योगी का बड़ा फैसला
लखनऊ, 20 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब राज्य के किसान बिना रजिस्ट्री (पंजीकरण) के भी सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे। इस निर्णय से खासकर छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जो तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते थे।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष गेहूं खरीद के लिए किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अनिवार्य की गई थी। कई किसानों का पंजीकरण न होने या तकनीकी दिक्कतों के कारण वे अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे थे। इससे किसानों में नाराजगी थी और उन्हें बिचौलियों को औने-पौने दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा था।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य गेहूं खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल और किसान-हितैषी बनाना है। पहले किसानों को गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य था, जिसके चलते कई किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब नई व्यवस्था के तहत किसान सीधे खरीद केंद्रों पर जाकर अपनी उपज बेच सकेंगे।
इस फैसले से मंडियों और सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है। साथ ही, बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी रहे और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाए।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। साथ ही, निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया गया है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।