AI समिट में महानार्यमन सिंधिया रखेंगे विचार: ‘AI for Everyone’ सेशन में खास संबोधन

0

नई दिल्ली, 18 फ़रवरी 2026 । आगामी एआई समिट में युवा उद्योगपति और सार्वजनिक नीति से जुड़े विचारक महानार्यमन सिंधिया ‘AI for Everyone’ सेशन में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। यह सत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आम नागरिकों, स्टार्टअप्स, शिक्षा जगत और छोटे व्यवसायों तक पहुंचाने की अवधारणा पर केंद्रित रहेगा।

भारत AI इम्पैक्ट समिट भारत मंडपम में चल रहा है. समिट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और एमपीसीए के अध्यक्ष एवं एआई एंथ्यूथियास्ट महाआर्यमन बुधवार को पहुंचेंगे. इस दौरान महानआर्यमन AI फॉर एवरीवन सेशन में अपने विचार रखेंगे.

वे अपनी कंपनियों Ethara AI और Kuberha AI द्वारा एआई क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर प्रकाश डालेंगे. साथ ही भारतीय परिप्रेक्ष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक और सार्थक परिवर्तन ला सकता है, इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे. यह चर्चा बुधवार दोपहर 01:30 बजे शकुंतलम बैंक्वेट, सुषमा स्वराज भवन नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी.

‘AI for Everyone’ थीम का उद्देश्य तकनीक को केवल बड़ी कंपनियों या विशिष्ट विशेषज्ञों तक सीमित न रखकर समाज के हर वर्ग के लिए सुलभ बनाना है। इस सत्र में चर्चा होगी कि कैसे एआई का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन और प्रशासनिक सेवाओं में किया जा सकता है।

महानार्यमन सिंधिया से अपेक्षा है कि वे भारत के डिजिटल परिवर्तन, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और युवा उद्यमिता में एआई की भूमिका पर अपने दृष्टिकोण साझा करेंगे। वे विशेष रूप से इस बात पर जोर दे सकते हैं कि जिम्मेदार एआई (Responsible AI), डेटा सुरक्षा और नैतिक मानकों का पालन करते हुए तकनीकी विकास कैसे सुनिश्चित किया जाए।

समिट में नीति-निर्माताओं, टेक कंपनियों, स्टार्टअप संस्थापकों और शिक्षाविदों की भागीदारी रहने की संभावना है। ऐसे मंच पर ‘AI for Everyone’ जैसे सत्र यह संदेश देते हैं कि भविष्य की तकनीक समावेशी होनी चाहिए, ताकि डिजिटल विभाजन कम हो और नवाचार का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचे।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे विविध और जनसंख्या-बहुल देश में एआई की व्यापक स्वीकार्यता तभी संभव है जब तकनीक को स्थानीय जरूरतों, भाषाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाए।

कुल मिलाकर, यह सत्र एआई के लोकतंत्रीकरण और तकनीक को सामाजिक-आर्थिक प्रगति का साधन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा का मंच बन सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.