होशियारपुर,02 नवंबर 2026 | पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को ED ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा के होशियारपुर स्थित आवास समेत उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विपक्षी नेताओं को डराने और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
ED की टीम सोमवार सुबह करीब 5 बजे अरोड़ा के आवास पर पहुंची। अधिकारियों ने घर की तलाशी ली और कुछ दस्तावेज मांगे। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत की गई है। अरोड़ा के बेटे प्रतीक अरोड़ा और उनसे जुड़े रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकाने भी जांच के दायरे में हैं।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया चुनावी हथकंडे का आरोप
ईडी की कार्रवाई सामने आते ही कांग्रेस ने इसे भाजपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। कांग्रेस के जिला प्रधान एडवोकेट दलजीत सिंह गिल ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति अपनानी शुरू कर दी है। कांग्रेस को पहले से अंदेशा था कि चुनावी माहौल में पार्टी नेताओं को परेशान करने और उनका मनोबल तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
गिल ने कहा कि भाजपा चुनाव के समय ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लेकर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने का प्रयास करती है। लेकिन कांग्रेस ऐसे हथकंडों से डरने वाली नहीं है। जनता भाजपा की इस राजनीति को अच्छी तरह समझती है।
कांग्रेस ने BJP पर लगाया राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप
ED की छापेमारी के बाद कांग्रेस के होशियारपुर जिला अध्यक्ष एडवोकेट दलजीत सिंह गिल ने BJP पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही केंद्रीय एजेंसियों के जरिए कांग्रेस नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
गिल के मुताबिक, कांग्रेस को पहले से आशंका थी कि चुनावी माहौल में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी सुंदर शाम अरोड़ा के साथ खड़ी है और इस तरह की कार्रवाई से कांग्रेस का मनोबल कमजोर नहीं होगा।
कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। हालांकि, यह पार्टी का आरोप है। ED की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
ED ने किन ठिकानों पर की छापेमारी?
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, ED ने होशियारपुर, चंडीगढ़ और मोहाली में कुल 14 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें सुंदर शाम अरोड़ा, उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा और रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े लोगों के परिसर शामिल हैं।
जांच के दायरे में मार्बेला ग्रुप, गुलमोहर टाउनशिप ग्रुप और अन्य कारोबारी सहयोगियों से जुड़े ठिकाने भी हैं। तलाशी अभियान के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों की सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई।
औद्योगिक प्लॉट आवंटन में कथित गड़बड़ी की जांच
ED की कार्रवाई पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों से जुड़ी बताई जा रही है। इसके अलावा पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) के औद्योगिक प्लॉट के आवंटन और बाद में उनके मालिकाना हक में बदलाव के दौरान कथित अनियमितताओं की भी जांच हो रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, एक औद्योगिक जमीन को निजी रियल एस्टेट कंपनी को ट्रांसफर करने और उस पर टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे। इस मामले में अधिकारियों और संबंधित कंपनियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
हालांकि, ये आरोप जांच का हिस्सा हैं। अदालत में दोष साबित होने से पहले किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
पहले भी हो चुकी है सुंदर शाम अरोड़ा के घर कार्रवाई
सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर इससे पहले आयकर विभाग ने भी तलाशी अभियान चलाया था। वह कार्रवाई करीब 62 घंटे तक चली थी। उस समय अरोड़ा ने दावा किया था कि आयकर विभाग की जांच उनके बेटे के प्रॉपर्टी कारोबार से संबंधित थी और परिवार ने मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए थे।
अरोड़ा को अक्टूबर 2022 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उन पर अपनी जांच प्रभावित कराने के लिए रिश्वत देने की पेशकश करने का आरोप भी लगा था। इस मामले में वह जमानत पर बाहर हैं।
वकील ने कहा- अधिकारियों ने तलाशी का उद्देश्य नहीं बताया
सुंदर शाम अरोड़ा के वकील एचएस सैनी ने बताया कि ED की टीम चंडीगढ़ कार्यालय से आई थी। उनके अनुसार, अधिकारियों ने कुछ दस्तावेज मांगे, लेकिन तलाशी के उद्देश्य के बारे में उन्हें विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ED की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी जांच का हिस्सा है। एजेंसी की ओर से तलाशी के निष्कर्षों और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने आना बाकी है।
चुनाव से पहले पंजाब में बढ़ी सियासी हलचल
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस नेता के ठिकानों पर ED की कार्रवाई ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। कांग्रेस इसे विपक्ष को निशाना बनाने की कार्रवाई बता रही है, जबकि जांच एजेंसी की कार्रवाई कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है।