चंडीगढ़,02 नवंबर 2026 | पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के बकाये को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल अपनी स्टेटस रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि 1 जुलाई 2021 से 30 सितंबर 2026 तक के DA/DR एरियर की अनुमानित देनदारी करीब 22,818 करोड़ रुपये है।
मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से दाखिल रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दोनों दावों को मिलाकर राज्य सरकार की कुल लंबित देनदारी लगभग 32,418 करोड़ रुपये है। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया राशि पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देने की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार ने स्वीकार की है।
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद आठ प्रतिशत बढ़ाया था डीए
सरकार ने अदालत को बताया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर 18 सितंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें महंगाई भत्ते में आठ प्रतिशत वृद्धि का निर्णय लिया गया।
इसके बाद 23 सितंबर को वित्त विभाग ने आदेश जारी कर डीए की दर 42 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी। बढ़ी हुई दर एक सितंबर 2026 से लागू की गई। इसका लाभ सितंबर के वेतन और पेंशन में अक्टूबर के दौरान दिया गया।
22,818 करोड़ रुपये का DA/DR एरियर बकाया
सरकार ने अदालत को बताया कि जुलाई 2021 से सितंबर 2026 तक की अवधि के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का बकाया करीब 22,818 करोड़ रुपये है। यह राशि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े DA/DR दावों की है।
मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दोनों दावों के तहत कुल लंबित वित्तीय देनदारी लगभग 32,418 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा, यदि पंजाब सरकार कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर DA देती है, तो राज्य के खजाने पर हर साल करीब 4,712 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 3 अगस्त 2026 के आदेश में राज्य सरकार को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित DA/DR भुगतान से जुड़े निर्देश दिए थे। आदेश के पालन में निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद बकाया राशि पर 6 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देने का प्रावधान लागू होगा।
सरकार ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि हाईकोर्ट का आदेश अभी प्रभावी है और सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कोई रोक नहीं लगाई है। इसलिए कर्मचारियों और पेंशनरों को ब्याज सहित बकाया देने की देनदारी बनी हुई है।
हालांकि, सरकार की ओर से देनदारी स्वीकार करने का मतलब यह नहीं है कि पूरी रकम तत्काल कर्मचारियों के खातों में पहुंच जाएगी। भुगतान के लिए बजट और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
DA 42 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया
सरकार ने अदालत को बताया कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों पर 18 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला लिया गया।
इसके बाद वित्त विभाग ने 23 सितंबर को अधिसूचना जारी कर DA की दर 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी। बढ़ी हुई दर 1 सितंबर 2026 से लागू की गई। इसका लाभ सितंबर के वेतन और पेंशन में मिला, जिसका भुगतान अक्टूबर में किया गया।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसके लिए 1 सितंबर 2026 को विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से कुछ प्रक्रियागत कमियां बताई गईं, जिसके बाद सरकार ने 1 अक्टूबर को याचिका दोबारा दाखिल की।
सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी कि भुगतान में हुई देरी जानबूझकर नहीं की गई है। राज्य का कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख रहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं मिलने के कारण राज्य की भुगतान संबंधी जिम्मेदारी बरकरार है।
हर साल 4,712 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ
मुख्य सचिव ने रिपोर्ट में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों के अनुसार पंजाब सरकार का सालाना वेतन और पेंशन खर्च लगभग 58,064 करोड़ रुपये था।
केंद्र सरकार की दरों के बराबर DA देने पर हर साल करीब 4,712 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। वहीं, पुराने बकाये और ब्याज की देनदारी के लिए सरकार को बजट में विशेष प्रावधान करने होंगे।
कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर भुगतान पर
पंजाब सरकार की ओर से हाईकोर्ट में देनदारी स्वीकार किए जाने के बाद अब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर वास्तविक भुगतान पर है। उनके लिए सबसे अहम सवाल यह है कि 22,818 करोड़ रुपये के DA/DR एरियर का भुगतान कब और किस तरीके से होगा।
फिलहाल सरकार ने बकाये की देनदारी और 6 प्रतिशत सालाना ब्याज की जिम्मेदारी स्वीकार की है। लेकिन पूरी रकम के भुगतान की तारीख और किस्तों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।