PM आवास के पास 30 एकड़ का एयरफोर्स गोल्फ कोर्स बंद

सरकार ने जमीन वापस लेने की प्रक्रिया तेज की; भविष्य के इस्तेमाल पर सस्पेंस

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नई दिल्ली,02 नवंबर 2026 | देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गोल्फ कोर्स को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। करीब 30 एकड़ में फैले इस परिसर पर कार्रवाई केंद्र सरकार की ओर से सरकारी जमीन वापस लेने की मुहिम के बीच हुई है। लोक कल्याण मार्ग स्थित इस परिसर में गोल्फ कोर्स के अलावा स्विमिंग पूल, बास्केटबॉल कोर्ट और अन्य खेल सुविधाएं भी मौजूद हैं।

इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस कीमती जमीन का आगे क्या इस्तेमाल होगा? क्या यहां कोई नया सरकारी या रक्षा संबंधी संस्थान बनेगा, या इसे किसी सार्वजनिक परियोजना के लिए विकसित किया जाएगा? फिलहाल सरकार ने जमीन के भविष्य के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट योजना सार्वजनिक नहीं की है।

मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फिलहाल एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन का आगे किस काम में इस्तेमाल होगा, इस पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। परिसर बंद होने से कर्मचारियों और ठेके पर काम करने वालों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की विदाई के मौके पर होने वाला पारंपरिक ‘गोल्फिंग आउट’ कार्यक्रम भी रद्द करना पड़ा था।

एयरफोर्स गोल्फ कोर्स बंद होने के बाद इसके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार ने यह घोषणा नहीं की है कि करीब 30 एकड़ जमीन पर कौन-सी परियोजना विकसित की जाएगी।

सरकार की ओर से लोक कल्याण मार्ग के आसपास की जमीनों को सार्वजनिक उद्देश्य, प्रशासनिक जरूरतों और रक्षा बुनियादी ढांचे के लिए उपलब्ध कराने की बात कही गई है। ऐसे में इस भूखंड का इस्तेमाल भी किसी सरकारी या रणनीतिक जरूरत के लिए किया जा सकता है। लेकिन जब तक आधिकारिक योजना सामने नहीं आती, तब तक किसी खास परियोजना को तय मानना सही नहीं होगा।

रेस क्लब और पोलो ग्राउंड की जमीन भी सरकार ने ली

एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई से पहले सरकार इसी इलाके में कई अन्य महत्वपूर्ण संपत्तियों की जमीन वापस ले चुकी है।

  • दिल्ली रेस क्लब: लोक कल्याण मार्ग स्थित करीब 53 एकड़ जमीन का कब्जा अगस्त 2026 में लिया गया।
  • जयपुर पोलो ग्राउंड: करीब 15.2 एकड़ जमीन का कब्जा केंद्र सरकार ने अपने हाथ में लिया।
  • दिल्ली जिमखाना क्लब: करीब 27.3 एकड़ परिसर की लीज समाप्त करने का नोटिस जारी किया गया। क्लब ने इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी है।

इन सभी मामलों में जमीन के इस्तेमाल और सरकारी नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सरकार ने इन भूखंडों के लिए सार्वजनिक उद्देश्य और रक्षा बुनियादी ढांचे से जुड़ी जरूरतों का हवाला दिया है।

1947 से वायुसेना के नियंत्रण में रहा परिसर

एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का इतिहास आजादी के शुरुआती दौर से जुड़ा है। सितंबर 1947 में एयरफोर्स स्टेशन नई दिल्ली की स्थापना के बाद यह परिसर वायुसेना के नियंत्रण में रहा। समय के साथ यहां गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, ड्राइविंग रेंज और अन्य खेल सुविधाएं विकसित की गईं।

इसका इस्तेमाल वायुसेना के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों तथा उनके परिवारों की खेल और मनोरंजन गतिविधियों के लिए होता रहा है। परिसर में करीब 5,000 सदस्य जुड़े होने की बात भी रिपोर्ट्स में सामने आई है।

300 से अधिक कर्मचारियों पर भी असर

गोल्फ कोर्स और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने से यहां काम करने वाले कर्मचारियों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परिसर में कैडी, रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं से जुड़े 300 से अधिक कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है।

कई कर्मचारी परिसर की गतिविधियों पर निर्भर थे। अचानक बंदी से उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, कर्मचारियों के पुनर्वास या वैकल्पिक रोजगार को लेकर भी अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

जमीन की वापसी की प्रक्रिया पहले भी हुई थी शुरू

एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन को लेकर कार्रवाई पहली बार नहीं हुई है। नवंबर 2017 में भी L&DO ने इस परिसर सहित आसपास की कुछ संपत्तियों को नोटिस जारी किए थे। हालांकि, उस समय प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी।

अब 2026 में लोक कल्याण मार्ग के आसपास सरकारी जमीनों की समीक्षा और वापसी की कार्रवाई फिर तेज हुई है। इसी क्रम में रेस क्लब, पोलो ग्राउंड और एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर कदम उठाए गए हैं।

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि एयरफोर्स गोल्फ कोर्स बंद हो चुका है, लेकिन 30 एकड़ जमीन का अंतिम उपयोग अभी तय या सार्वजनिक नहीं किया गया है। सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस परिसर को रक्षा, प्रशासनिक या किसी अन्य सार्वजनिक परियोजना के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

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