यूपी MLC चुनाव रिजल्ट 2026: बीजेपी 6, सपा 5 सीटों पर जीती
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। बीजेपी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटें अपने नाम कीं। वाराणसी, लखनऊ और इलाहाबाद-झांसी में सपा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश 30 अक्टूबर 2026 | उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) को 5 सीटों पर सफलता मिली।
इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था। मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई और सभी सीटों के परिणाम 29 अक्टूबर को घोषित किए गए।
इस चुनाव में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल थीं। खास बात यह रही कि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी की दोनों सीटों सहित लखनऊ और इलाहाबाद-झांसी में भी जीत दर्ज की।
किस सीट पर किस उम्मीदवार ने जीत हासिल की?
बीजेपी के विजेता उम्मीदवार
- मेरठ स्नातक: दिनेश कुमार गोयल – 24,929 वोट
- आगरा स्नातक: डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह – 42,743 वोट
- लखनऊ शिक्षक: उमेश द्विवेदी – 13,179 वोट
- मेरठ शिक्षक: श्रीचंद शर्मा – 18,099 वोट
- बरेली-मुरादाबाद शिक्षक: डॉ. हरि सिंह ढिल्लों – 21,672 वोट
- गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक: ध्रुव कुमार त्रिपाठी – 16,790 वोट
समाजवादी पार्टी के विजेता उम्मीदवार
- इलाहाबाद-झांसी स्नातक: डॉ. मान सिंह यादव – 60,358 वोट
- लखनऊ स्नातक: कांति सिंह – 56,905 वोट
- वाराणसी स्नातक: आशुतोष सिन्हा – 55,046 वोट
- वाराणसी शिक्षक: लाल बिहारी यादव – 11,612 वोट
- आगरा शिक्षक: डॉ. आकाश अग्रवाल – 14,046 वोट
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा
MLC चुनाव के नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी ने छह सीटों पर जीत हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतकर विधान परिषद चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
हालांकि, विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव का परिणाम नहीं माना जा सकता। दोनों चुनावों की मतदाता संरचना और प्रक्रिया अलग होती है।
अब राजनीतिक दलों की नजर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर है। आने वाले समय में इन नतीजों को लेकर दोनों प्रमुख दलों की प्रतिक्रियाएं और रणनीतियां चर्चा का विषय बनी रह सकती हैं।