गाजियाबाद: सपा नेता अनुज प्रधान ने छात्राओं को बांटी साइकिलें
गाजियाबाद में अनुज प्रधान का नया अभियान, छात्राओं को साइकिल बांटकर गांवों में बना रहे पहचान
गाजियाबाद , 30 अक्टूबर 2026 | उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद लोनी में सपा नेता अनुज प्रधान एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रशासन की ओर से पंडाल हटाए जाने के बाद अब अनुज प्रधान गांव-गांव पहुंच रहे हैं। इस बार उनका अभियान छात्राओं को साइकिल बांटने को लेकर सुर्खियों में है। गांवों में जाकर छात्राओं को साइकिल वितरित करने की उनकी पहल को शिक्षा और आवागमन की सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है।
25 अक्टूबर को होना था कार्यक्रम
दरअसल, लोनी विधानसभा क्षेत्र के गढ़ी कट्टैया गांव में 25 अक्टूबर को साइकिल कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। इसके तहत गरीब और जरूरतमंद छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए साइकिलें वितरित की जानी थीं। अनुज प्रधान ने लोनी क्षेत्र के 55 नगर पालिका वार्डों और ग्राम पंचायतों से छात्राओं के दस्तावेज जुटाकर एक हजार छात्राओं की सूची तैयार कराई थी। हालांकि, प्रशासन ने विधिवत अनुमति नहीं होने का हवाला देकर कार्यक्रम पर रोक लगा दी। लोनी पुलिस ने अनुज प्रधान को हिरासत में लिया, जबकि लोनी नगर पालिका परिषद की कार्रवाई के दौरान कार्यक्रम स्थल पर लगाया गया टेंट और पंडाल जेसीबी से हटवा दिया गया। करीब चार घंटे बाद उन्हें रिहा किया गया।
पैदल चल कर छात्राओं तक पहुंचा रहे साइकिल
रिहाई के बाद अनुज प्रधान ने ऐलान किया था कि प्रशासनिक कार्रवाई और विरोध के बावजूद वह छात्राओं को साइकिल वितरित करके रहेंगे। अब उन्होंने अपने इसी ऐलान को अमल में लाना शुरू कर दिया है। सामूहिक कार्यक्रम के बजाय वह गांव-गांव जाकर सूची में शामिल छात्राओं को साइकिलें सौंप रहे हैं। उनका कहना है कि छात्राओं को स्कूल जाने के लिए तीन-तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। उनकी इस परेशानी को दूर करने का वादा उन्होंने किया था और अब उसी वादे को पूरा कर रहे हैं।
छात्राओं को बांट रहे साइकिल
अनुज प्रधान अब गांवों में छात्राओं को साइकिल वितरित कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल दूर होने के कारण छात्राओं को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में साइकिल मिलने से उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है।
ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और सुविधा पर जोर
छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। खासकर उन परिवारों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है, जहां स्कूल की दूरी और परिवहन की कमी के कारण लड़कियों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
पंडाल हटाए जाने के बाद गांवों में पहुंचना और छात्राओं को साइकिल बांटना अनुज प्रधान की गतिविधियों को चर्चा में ले आया है। अब यह देखना होगा कि उनका यह अभियान आगे किन गांवों तक पहुंचता है और इससे कितनी छात्राओं को लाभ मिलता है।
फिलहाल गाजियाबाद में प्रशासन की कार्रवाई और उसके बाद अनुज प्रधान के गांव-गांव पहुंचने की गतिविधियां स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
गांव-गांव पहुंच रहे अनुज प्रधान
सपा नेता अनुज प्रधान का आरोप है कि इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी। गांव-गांव और घर-घर जाकर जरूरतमंद छात्राओं की पहचान की, उनके दस्तावेज जुटाए और वितरण से पहले एक हजार साइकिलों की व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन उनके इस जनहित के कार्य से घबराए सत्तारूढ़ दल के विधायक और अन्य राजनीतिक विरोधियों ने प्रशासन के साथ मिलकर कार्यक्रम को बर्बाद करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर कार्रवाई करके उनके अभियान को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन छात्राओं से किया गया वादा वह अधूरा नहीं छोड़ेंगे। अब गांव-गांव जाकर साइकिल वितरण उसी संकल्प को पूरा करने की उनकी कोशिश है।
साइकिल पाकर खिले चेहरे
दूसरी तरफ साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे भी खिले हुए हैं। उनका कहना है कि अनुज भैया ने उनसे किया वादा पूरा किया है। हालांकि, उन्हें इसके लिए बहुत परेशानियां और नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन उन्होंने सब कठिनाइयों को पीछे छोड़ते हुए आज उनके गांव में आकर उन्हें साइकिल गिफ्ट की है।