लखनऊ समिट बिल्डिंग में पुलिस का लाठीचार्ज, युवकों की पिटाई का आरोप

लखनऊ की समिट बिल्डिंग में पुलिस कार्रवाई पर विवाद, युवकों की पिटाई का वीडियो चर्चा में

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लखनऊ, 30 अक्टूबर 2026 | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की समिट बिल्डिंग में पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यहां निहत्थे युवकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने का आरोप पुलिसकर्मियों पर लगा है। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और युवकों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर पुलिसकर्मियों ने युवकों को पकड़ने के लिए दौड़ाया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिस की भूमिका पर बहस छेड़ दी है।

वीडियो में समिट चौकी प्रभारी हरिओम पटेल पुलिस बल के साथ निहत्थे और बेबस युवकों पर बेरहमी से लाठियां चलाते साफ नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए सामने आए इस वीडियो के बाद लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली, मित्रता के दावों और अधिकारों के दुरुपयोग को लेकर चौतरफा सवाल खड़े हो गए हैं।

खाना खाने पहुंचे थे युवक

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के अनुसार, कुछ युवक सामान्य रूप से रात का खाना खाने समिट बिल्डिंग स्थित किंग टेबल क्लब पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी के बीच समिट चौकी प्रभारी हरिओम पटेल भारी पुलिस बल लेकर क्लब के भीतर दाखिल हुए और बिना किसी पूछताछ या समझाइश के सीधे युवकों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। आरोप है कि पीड़ित युवकों में से एक ने खुद के अधिवक्ता होने की बात कही और कानूनी प्रक्रिया के तहत बात करने का अनुरोध कि,या लेकिन आरोप है कि खाकी के रौब में चूर पुलिसकर्मियों ने उनकी एक न सुनी और क्लब के भीतर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस बर्बर लाठीचार्ज में कई युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान हो गए, जिससे पूरे रेस्टोरेंट व क्लब परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

निहत्थे युवकों की पिटाई के आरोप

घटना को लेकर सबसे गंभीर सवाल पुलिस के कथित व्यवहार पर उठ रहे हैं। आरोप है कि युवकों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिसकर्मियों ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। हालांकि, पुलिस कार्रवाई की वास्तविक वजह, घटना की पूरी परिस्थितियों और युवकों की भूमिका के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी भी कार्रवाई में निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी जरूरी है। यदि युवकों के साथ अनावश्यक मारपीट हुई है तो मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठ सकती है।

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