6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ी, दिल्ली में अब 22 दिसंबर को आएगी अंतिम मतदाता सूची

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नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026 | देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा बढ़ा दी गई है। इस फैसले के बाद दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीख भी बदल गई है। अब दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 22 दिसंबर को जारी की जाएगी। समयसीमा बढ़ने से मतदाताओं, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और चुनाव से जुड़े कर्मचारियों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का शेड्यूल बदल दिया। आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाताओं को नाम जुड़वाने, कटवाने या किसी गड़बड़ी पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।

वहीं, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड में नोटिस के निपटारे की समयसीमा बढ़ाई गई है। नए शेड्यूल के मुताबिक, महाराष्ट्र समेत 5 राज्यों में फाइनल वोटर लिस्ट 30 नवंबर को और दिल्ली में 22 दिसंबर को जारी होगी।

यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद हुआ है, जिसमें छूटे हुए मतदाताओं को दावा-आपत्ति का पर्याप्त मौका देने और प्रक्रिया में जल्दबाजी न करने पर जोर दिया गया था। कोर्ट ने 28 अक्टूबर को चुनाव आयोग से पूछा था कि इन राज्यों में अभी चुनाव नहीं हैं, फिर इतनी जल्दबाजी क्यों।

तीसरे फेज में 36.73 करोड़ वोटर्स का वेरिफिकेशन

SIR के तीसरे चरण में हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR हो रहा है। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन होगा। SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं।

तीसरे फेज में SIR वाले राज्यों में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा वोटर हैं। दादरा और नगर हवेली एवं दमन-दीव में वोटरों की संख्या सबसे कम है।

SIR प्रक्रिया में क्या होता है?

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मतदाता सूची की विस्तृत जांच की जाती है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करना और मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं से संबंधित रिकॉर्ड को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपडेट करना है।

इस प्रक्रिया में BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करते हैं। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाती है, जिस पर मतदाता दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।

मतदाता अपनी जानकारी जरूर जांचें

SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को अपनी जानकारी और नाम की स्थिति जांचते रहना चाहिए। यदि नाम, पता या अन्य विवरण में कोई गलती है तो निर्धारित समयसीमा के भीतर सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। इससे अंतिम मतदाता सूची में सही जानकारी दर्ज कराने में मदद मिलेगी।

दिल्ली में अब 22 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीख तय की गई है। ऐसे में मतदाताओं और चुनावी अधिकारियों की नजर संशोधित कार्यक्रम पर रहेगी।

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