पटना, 29 अक्टूबर 2026 | बिहार की राजधानी पटना में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने निकले अभ्यर्थियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहे की दिशा में पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई और अतिरिक्त बल तैनात किया।
प्रदर्शनकारी ‘घेराबंदी तोड़ो, आगे बढ़ो’ जैसे नारे लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे। उनका मुख्य विरोध बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से 1,799 पदों वाली दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर है।
गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर निकले अभ्यर्थी
प्रदर्शन की शुरुआत पटना के गांधी मैदान से हुई। अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और इनकम टैक्स गोलंबर होते हुए मुख्यमंत्री आवास यानी लोक सेवक आवास की ओर मार्च करने की योजना बनाई थी।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने संभावित मार्गों पर बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद भीड़ आगे बढ़ी और डाकबंगला चौराहे की ओर कूच कर गई।
1,799 पदों की भर्ती परीक्षा रद्द होने से नाराजगी
यह विवाद बिहार पुलिस में दारोगा के 1,799 पदों पर भर्ती से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, BPSSC ने 27 मई 2026 को आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को 23 सितंबर 2026 को रद्द करने की घोषणा की थी। इसके बाद परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों ने फैसले का विरोध शुरू कर दिया।
अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने के निर्णय को वापस लेने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा रद्द होने से उनकी तैयारी और भर्ती की आगे की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
एक महीने से धरने पर बैठे थे अभ्यर्थी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल कई अभ्यर्थी पिछले करीब एक महीने से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बैठे थे। उनका आरोप है कि लगातार विरोध के बावजूद उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकला। इसी कारण उन्होंने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया।
अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा रद्द करने के फैसले की समीक्षा की जाए और भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए। हालांकि, आयोग या सरकार की ओर से प्रदर्शन के बाद उनकी मांगों पर किसी नए फैसले की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पटना पुलिस ने गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे सहित प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए। कुछ रिपोर्टों में वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहनों को भी तैयार रखने की जानकारी दी गई है।
बैरिकेडिंग टूटने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस का ध्यान भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने से रोकने पर रहा।
अब भर्ती प्रक्रिया पर फैसले का इंतजार
दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। 29 अक्टूबर का प्रदर्शन इसी विरोध का अगला चरण रहा। अभ्यर्थियों की मांग है कि उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया पर जल्द स्पष्टता दी जाए।
अब अभ्यर्थियों की नजर BPSSC और राज्य सरकार के अगले कदम पर है। परीक्षा रद्द करने के कारणों, आगे की भर्ती प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की मांगों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह तय होगा कि विवाद का समाधान किस तरह निकलेगा।