देहरादून, 28 अक्टूबर 2026 | उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ सरकार विकास योजनाओं को गति देने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को गैरसैंण के भराड़ीसैंण में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट को राज्य की मौजूदा जरूरतों और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के लगभग 26 वर्षों में उत्तराखंड ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। यह उपलब्धि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, प्रदेशवासियों की मेहनत और जनभागीदारी का परिणाम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट
मुख्यमंत्री के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में कुल 7,844.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद और 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद के लिए रखे गए हैं। सरकार का कहना है कि इस राशि से विकास कार्यों को गति देने और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
बजट में किसानों, स्थानीय निकायों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत ढांचे से जुड़े क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना है।
किसानों और ग्रामीण विकास के लिए खास प्रावधान
सरकार ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई मदों में बजट का प्रावधान किया है।
- अन्नपूर्ति योजना: धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये।
- आधारभूत ढांचा: विशेष सहायता योजना के तहत 500 करोड़ रुपये।
- जल जीवन मिशन: पेयजल से जुड़े कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये।
- स्थानीय निकाय: राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव, जिसके लिए 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इन प्रावधानों का उद्देश्य किसानों को सहयोग देने, ग्रामीण और शहरी निकायों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने तथा बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। अनुपूरक बजट में अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और सरकारी कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज सहित चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये तथा स्कूल और उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा की उपलब्धता को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं और महिलाओं के लिए क्या है योजना?
सरकार ने युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना, खेल विश्वविद्यालय, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं।
महिला एवं बाल कल्याण, पोषण अभियान, भोजन माताओं के मानदेय, किसान पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। सरकार का कहना है कि विकास का लाभ गांवों, किसानों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्ष 2022 में लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये था, जिसके वर्ष 2026-27 में बढ़कर करीब 3.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उनके अनुसार, इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.95 लाख रुपये से बढ़कर 2.74 लाख रुपये तक पहुंची है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में स्टार्टअप की संख्या 702 से बढ़कर 1,978 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की संख्या करीब 60 हजार से बढ़कर एक लाख हो गई है। ये आंकड़े सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं और वर्ष 2026-27 के आर्थिक अनुमान को दर्शाते हैं।
आपदा प्रबंधन और आईटी क्षेत्र पर भी ध्यान
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षित बुनियादी ढांचे को भी महत्वपूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ सहित भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में काम, आपदा-रोधी निर्माण और सड़क व हेली सेवाओं से जुड़ी सुविधाओं के विकास का उल्लेख किया।
उन्होंने देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) परिसर की स्थापना का भी जिक्र किया। सरकार के मुताबिक, इससे आईटी और स्टार्टअप क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड को विकसित बनाने के लिए आर्थिक विकास के साथ सुशासन, जनभागीदारी और सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग पर ध्यान देना जरूरी है। सरकार ने बजट निर्माण में विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने और विकास योजनाओं को समय पर लागू करने पर भी जोर दिया है।