रामपाल आश्रम फायरिंग केस: वायरल ऑडियो में माथे पर गोली मारने की धमकी

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कुरुक्षेत्र, 28 अक्टूबर 2026 | हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिपली स्थित संत रामपाल के सतलोक आश्रम में फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर शूटर समाना की ओर से फायरिंग कराने का दावा किया गया है। ऑडियो में यह भी धमकी दी गई है कि यदि दोबारा हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी की गई तो माथे पर गोली मार दी जाएगी। हालांकि, ऑडियो में किसी व्यक्ति का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है और पुलिस ने अब तक इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।

अडियों में हालांकि किसी के नाम का जिक्र नहीं है और न ही पुलिस फिलहाल इस ऑडियों की पुष्टि कर रही है। अपराध अन्वेषण शाखा-1 की टीम ने गत दिवस ही फायरिंग मामले में शामिल आरोपी प्रप्रेम चंद मासी अरनेहडी जिला करनाल को गिरफ्तार किया है।

पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार के मुत्रविक 23 अक्तूबर को पुलिस को पुरुषोतम दास सेवादार ने शिकायत दी थी जिसमें बताया गया कि वह आश्रम के प्रबंधन की सेवा संभालता है। 2 अक्टूबर की रात को आश्रम संचालक आने वाले थे। 21-22 अक्तूबर की रात को कुछ अज्ञात तत्थों द्वारा कुरुक्षेत्र आश्रम पर फायरिंग की गई जिसके कारण यह कार्यक्रम निरस्त करना पड़ा।

21-22 अक्टूबर की रात आश्रम पर हुई थी फायरिंग

पिपली स्थित सतलोक आश्रम में 21 और 22 अक्टूबर की दरमियानी रात फायरिंग की घटना हुई थी। आश्रम प्रबंधन के अनुसार, अज्ञात लोगों ने बंद गेट और बैनर को निशाना बनाया। अगले दिन गेट पर गोलियों के निशान और खाली कारतूस मिलने के बाद घटना की जानकारी सामने आई।

इस घटना के कारण आश्रम में संत रामपाल का प्रस्तावित कार्यक्रम भी रद्द करना पड़ा था। आश्रम प्रबंधन ने घटना से पहले कुछ संदिग्ध लोगों के परिसर के आसपास आने की बात भी कही है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने प्रेमचंद को किया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, आश्रम के सेवादार पुरुषोत्तम दास की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में फायरिंग की घटना और सोशल मीडिया पर प्रसारित उन पोस्ट व वीडियो का उल्लेख किया गया, जिनमें कुछ लोगों ने कथित तौर पर घटना की जिम्मेदारी ली थी।

अपराध अन्वेषण शाखा-1 की टीम ने मामले में करनाल जिले के अरनेहड़ी निवासी प्रेमचंद को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब घटना में उसकी कथित भूमिका और वायरल सामग्री के बीच संबंध की जांच कर रही है।

आश्रम की सुरक्षा बढ़ाई गई, CCTV कैमरे लगाए गए

फायरिंग की घटना के बाद आश्रम परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एहतियात के तौर पर आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और जांच में मदद मिले।

आश्रम प्रबंधन ने संत रामपाल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। वहीं, पुलिस मामले से जुड़े आरोपियों, सोशल मीडिया पर किए गए दावों और धमकी भरे ऑडियो की सत्यता की जांच कर रही है।

इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि वायरल ऑडियो किसने जारी किया और क्या उसका फायरिंग की घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध है। फिलहाल पुलिस ने ऑडियो की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे किसी व्यक्ति या समूह की प्रमाणित धमकी के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।

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