पटना, 28 अक्टूबर 2026 | बिहार की राजनीति में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नीरज कुमार और मोकामा के विधायक अनंत सिंह के बीच विवाद फिर चर्चा में है। नीरज कुमार की जीत के बाद अनंत सिंह ने अपनी बगावत की वजह बताते हुए आरोप लगाया कि नीरज कुमार दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत रद्द कराने की कोशिश कर रहे थे। अनंत सिंह के मुताबिक, नीरज कुमार इसी सिलसिले में दिल्ली भी गए थे। उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें इस बारे में पता चला, तब उन्होंने नीरज कुमार का विरोध करने का फैसला किया।
अनंत सिंह ने खोली बगावत की असली कहानी
अनंत सिंह ने कहा है कि ‘नीरज कुमार से नाराजगी है। नीरज कुमार गए दिल्ली हमको फंसाने के लिए। नीरज दिल्ली ले गए केस कि हमको जेल भिजवा दें। ये बात हमको मालूम चल गई। अनुज को हम तब पहचानते भी नहीं थे। मैंने पार्टी के खिलाफ कहां कुछ बोला।’ अनंत सिंह के मुताबिक दुलारचंद यादव मर्डर केस में उन्हें जेल भिजवाने की साजिश नीरज कुमार ने रची थी। इसी केस में अनंत सिंह अभी जमानत पर बाहर हैँ। अनंत सिंह के मुताबिक नीरज कुमार का इरादा उनकी बेल को रद्द करवाने का था।
सुप्रीम कोर्ट में 30 अक्टूबर को जमानत मामले की सुनवाई
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को जमानत दी थी। इसके खिलाफ मृतक के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस याचिका पर 30 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है।
अनंत सिंह का आरोप है कि नीरज कुमार इसी कानूनी मामले को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली गए थे। ऐसे में दोनों के बीच राजनीतिक विवाद के साथ-साथ कानूनी लड़ाई भी चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट में जमानत रद्द करने की याचिका लंबित है; इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।
नीरज कुमार की जीत के बाद क्यों बढ़ी चर्चा?
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की जीत के बाद अनंत सिंह के विरोध और उसके पीछे की वजह फिर सुर्खियों में आ गई है। अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह का समर्थन किया था, जबकि जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था।
जेडीयू ने 24 अक्टूबर को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने से जुड़ा कदम बताया।
अनंत सिंह ने सुलह के संकेत भी दिए
अनंत सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि नीरज कुमार खुलकर सामने आकर बात करें, तो वह पुरानी बातों को भूलने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को दोनों नेताओं के बीच जारी विवाद के बीच सुलह की संभावना के संकेत के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, दोनों के बीच किसी समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।