बागपत में साध्वी प्राची का बयान
बोलीं- 'खुदाई होगी तो शिव निकलेंगे या शव'; अवैध धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की मांग
बागपत, 29 सितंबर 2026 । उत्तर प्रदेश के बागपत में हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची ने धार्मिक स्थलों और कथित अवैध कब्जों को लेकर बयान दिया है। परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं साध्वी प्राची ने जमीन पर कब्जे के आरोपों से जुड़े मस्जिद, मदरसे और मजारों की जांच तथा कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग की। इसी दौरान उन्होंने कहा कि देशभर में खुदाई होगी तो कहीं शिव निकलेंगे और कहीं शव मिलेंगे।
उज्जैन से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि जिन धार्मिक स्थलों को लेकर अवैध कब्जे के आरोप हैं, उनकी जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। जमीन पर कब्जा कर बनाए गए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलना चाहिए और इसका विरोध करने वाले लोग सनातन के विरोधी हैं। हिंदूवादी नेता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत में रहते और खाते-पीते हैं, लेकिन उनका मन पाकिस्तान में रहता है। उन्होंने कब्र के लिए जमीन घेरने को लेकर भी टिप्पणी की।
सनातनी एक हो जाओ, बंटोगे तो कटोगे
साध्वी प्राची ने सनातनियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा- बंटोगे तो कटोगे। एक रहोगे तो सेफ रहोगे। विरोधी कितना भी प्रचार कर लें, वर्ष 2027 में भाजपा की सरकार प्रचंड बहुमत से बनेगी। साध्वी प्राची ने मंदिर में भगवान शिव से देश में शांति की प्रार्थना करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ से उन्होंने देश में अशांति फैलाने वालों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की है।
साध्वी प्राची ने कहा कि जिन धार्मिक स्थलों को लेकर जमीन पर अवैध कब्जे या निर्माण के आरोप हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने ऐसे निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। उनके बयान में खास तौर पर मस्जिदों, मदरसों और मजारों का उल्लेख किया गया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी धार्मिक स्थल को अवैध घोषित करना और उसके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना संबंधित प्रशासन, रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय है। केवल किसी व्यक्ति के बयान के आधार पर किसी स्थल को अवैध नहीं माना जा सकता।
उज्जैन के मामले का भी किया जिक्र
रिपोर्ट के अनुसार साध्वी प्राची ने उज्जैन से जुड़े धार्मिक स्थल के विवाद का संदर्भ देते हुए कहा कि जिन स्थानों को लेकर अवैध कब्जे के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहां जांच होनी चाहिए। उन्होंने जमीन के इस्तेमाल और निर्माण की वैधता की जांच की मांग रखी।
उनका कहना था कि जमीन पर कब्जे के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही संबंधित निर्माणों के बारे में निर्णय होना चाहिए।
साध्वी प्राची ने अपने बयान में मुगलकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में मंदिरों को तोड़कर मस्जिद और मजार बनाए जाने की बात कही जाती है, इसलिए ऐसे मामलों पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
हालांकि, इतिहास से जुड़े ऐसे दावों की पुष्टि के लिए संबंधित ऐतिहासिक और पुरातात्विक रिकॉर्ड जरूरी होते हैं। किसी मौजूदा धार्मिक स्थल के संबंध में प्रशासनिक कार्रवाई अलग से कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है।
सपा प्रवक्ता के बयान पर भी प्रतिक्रिया
साध्वी प्राची ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आमीन जमेई के कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार आती है तो मठ-मंदिरों के दस्तावेज तलाशने और उन पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। यह साध्वी प्राची द्वारा दूसरे नेता के बयान की अपनी व्याख्या और प्रतिक्रिया है।
अपने संबोधन के दौरान साध्वी प्राची ने सनातन समाज से एकजुट रहने की अपील की और ‘बंटोगे तो कटोगे’ तथा ‘एक रहोगे तो सेफ रहोगे’ जैसे नारे भी लगाए। उन्होंने 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा भी किया। यह उनका राजनीतिक बयान है, चुनाव का स्वतंत्र पूर्वानुमान नहीं।
बागपत में पहले भी हो चुकी है बुलडोजर कार्रवाई
बागपत में धार्मिक निर्माण को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई का मामला पहले भी सामने आ चुका है। जून 2026 में राजपुर खामपुर गांव में अदालत के आदेश के बाद एक कथित अवैध मस्जिद के खिलाफ ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई थी। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
साध्वी प्राची के ताजा बयान के बाद बागपत में कथित अवैध धार्मिक निर्माण और जमीन के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे फिर चर्चा में हैं। ऐसे मामलों में किसी निर्माण की वैधता, जमीन के स्वामित्व और कार्रवाई का फैसला सरकारी रिकॉर्ड, संबंधित कानून और न्यायिक आदेशों के आधार पर होता है।