पटना, 24 सितंबर 2026 । बिहार की राजधानी पटना में पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव को गोली मारे जाने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने घटना को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पटना के बीचोंबीच गोली चलने की घटना कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पूर्व पार्षद अनिल यादव को मारी गईं चार गोलियां
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव पर उस समय हमला हुआ जब वह अपने अपार्टमेंट में मौजूद थे। घटना शाम करीब 7:30 बजे की बताई गई है। प्रशांत किशोर के अनुसार, हमलावर मोटरसाइकिल से आए थे और गोलीबारी की। अनिल यादव को चार गोलियां लगने की बात कही गई है और उन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल ले जाया जा रहा था।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पटना जैसे शहर में सरेआम गोली चलने की घटना पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने अपने बयान में उन राजनीतिक दावों का भी जिक्र किया जिनमें बिहार को ‘जंगल राज’ से बचाने की बात कही जाती रही है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर पिछली व्यवस्था को ‘जंगल राज’ कहा जाता था, तो वर्तमान स्थिति को क्या कहा जाएगा। उनका यह बयान मौजूदा कानून-व्यवस्था पर उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है।
एनकाउंटर और फांसी को लेकर क्या बोले PK?
प्रशांत किशोर ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद आधा या पूरा एनकाउंटर कर दिया जाए अथवा आरोपियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाए, लेकिन इससे मूल समस्या का समाधान क्या होगा, यह सवाल बना रहता है।
उनका कहना था कि यदि एक जगह कार्रवाई होती है और दूसरी जगह गोलीबारी जारी रहती है तो केवल बाद की कार्रवाई से कानून-व्यवस्था की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
पुलिस व्यवस्था पर भी लगाए आरोप
प्रशांत किशोर ने पुलिस व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार के कई इलाकों में शराब और बालू माफिया का प्रभाव है और पुलिस थानों पर भी उनका नियंत्रण होने का आरोप लगाया। ये प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित रिपोर्ट में नहीं की गई है।
उन्होंने बिहार में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाया और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की।
अब कार्रवाई पर नजर
पटना गोलीकांड के बाद सबसे अहम सवाल हमले के आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तथा घटना के कारणों को लेकर है। वहीं, राजनीतिक स्तर पर इस घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है।
घटना की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि गोलीबारी के पीछे क्या वजह थी और इसमें कौन लोग शामिल थे। फिलहाल मामले में पुलिस कार्रवाई और घायल अनिल यादव के स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर बनी हुई है।