राम माधव कौन हैं? नितिन नवीन की टीम में बड़ी जिम्मेदारी के बाद अब उत्तराखंड के प्रभारी

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देहरादून, 23  सितंबर 2026 ।  भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में एक और बड़ा बदलाव करते हुए वरिष्ठ नेता राम माधव को उत्तराखंड और तमिलनाडु का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी नई जिम्मेदारियों में कई राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारी बदले गए हैं। राम माधव को उत्तराखंड की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब पार्टी राज्य में आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए तैयारी कर रही है।

राम माधव की नई जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगस्त 2026 में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान किया था, जिसमें राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। अब पार्टी संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है।

उत्तराखंड चुनाव से पहले भाजपा ने बड़ा बदलाव कर दिया है। उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को हटा दिया है। उनकी जगह पर राम माधव को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। साथ ही सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी बनाया गया है। इससे पहल रेखा वर्मा सह प्रभारी थीं। दुष्यत गौतम को कोई पद नहीं मिला है।

नितिन नवीन की टीम में अगस्त में हुई वापसी

राम माधव ने अगस्त 2026 में बीजेपी के केंद्रीय संगठन में वापसी की। नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। यह नियुक्ति करीब छह साल बाद बीजेपी संगठन में उनकी वापसी के तौर पर रिपोर्ट की गई थी।

नई टीम में राम माधव के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। इसी टीम के गठन के बाद अब पार्टी ने राज्यों के प्रभारियों में बदलाव किया है।

बीजेपी की नई सूची के अनुसार राम माधव को उत्तराखंड के साथ तमिलनाडु का प्रभारी बनाया गया है। वहीं स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है, जबकि हरीश द्विवेदी को कर्नाटक की जिम्मेदारी मिली है।

उत्तराखंड की जिम्मेदारी मिलने के साथ राम माधव को राज्य के संगठन, पार्टी कार्यक्रमों और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के समन्वय में भूमिका निभानी होगी। प्रभारी के तौर पर उनकी जिम्मेदारी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच तालमेल से भी जुड़ी होगी।

जम्मू-कश्मीर में भी निभा चुके हैं अहम संगठनात्मक भूमिका

राम माधव के राजनीतिक सफर में जम्मू-कश्मीर एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले वहां पार्टी की चुनावी जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में बीजेपी के संगठन विस्तार से भी उनका नाम जोड़ा जाता रहा है।

असम, त्रिपुरा और नागालैंड जैसे राज्यों में बीजेपी के संगठनात्मक विस्तार में उनकी भूमिका का उल्लेख कई रिपोर्टों में किया गया है। जम्मू-कश्मीर में भी पार्टी की रणनीति और संगठन से जुड़े काम में उन्होंने जिम्मेदारी निभाई थी।

राम माधव मूल रूप से आंध्र प्रदेश से हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया और राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। कम उम्र में आरएसएस से जुड़ने के बाद उनका अधिकांश सार्वजनिक जीवन संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ा रहा।

राजनीतिक संगठन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक विषयों में भी उनकी रुचि रही है। वह इंडिया फाउंडेशन से भी जुड़े रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मामलों से संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं।

उत्तराखंड में अब क्या होगी भूमिका?

राम माधव की नियुक्ति के साथ उत्तराखंड में बीजेपी के संगठनात्मक कामकाज की कमान उनके पास होगी। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय, संगठन की गतिविधियों की समीक्षा और केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति को राज्य स्तर पर लागू करना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल रहेगा।

फिलहाल यह नियुक्ति संगठनात्मक है। इससे चुनाव के परिणाम या किसी दल के प्रदर्शन के बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। आने वाले समय में राम माधव की सक्रियता और बीजेपी की राज्य इकाई के साथ उनकी कार्यशैली से उनकी भूमिका की दिशा और स्पष्ट होगी।

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