हरियाणा , 17 सितंबर 2026। हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री और कारोबारी गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम के तीन परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने 17 सितंबर 2026 को तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित रियल एस्टेट धोखाधड़ी और धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई है। ED ने PMLA की धारा 17 के तहत कांडा से जुड़े आवास, फार्महाउस और कार्यालय परिसर में तलाशी ली।
661 निवेशकों से करीब 248.46 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप
मामला गुरुग्राम के 4 प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है। 661 निवेशकों से करीब 248.46 करोड़ जमा कराने का आरोप है। निवेशकों को कब्जा, रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरा करने का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि निवेशकों के फंड को डायवर्ट कर कांडा से जुड़ी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। ED की जांच के अनुसार, जांच के दायरे में शामिल चार प्रोजेक्ट्स के जरिए करीब 661 निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रूपये रकम जुटाई गई। आरोप है कि निवेशकों से रकम लेने के बावजूद अब तक न तो उन्हें प्रोजेक्ट्स का कब्जा दिया गया और न ही वादा किए गए सेल डीड का निष्पादन किया गया। ED ने PMLA की धारा 17 के तहत की कार्रवाई। इससे पहले अगस्त 2023 में भी कांडा से जुड़े ठिकानों पर ED की कार्रवाई हो चुकी है। उस दौरान करीब 21 घंटे तक दस्तावेजों की जांच की गई थी।
ED की टीमों ने गुरुग्राम में गोपाल कांडा से जुड़े तीन परिसरों को जांच के दायरे में लिया। इनमें उनका निजी आवास, फार्महाउस और कार्यालय शामिल हैं। तलाशी का उद्देश्य कथित फंड डायवर्जन से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच करना है।
वाटिका लिमिटेड से जुड़ी जांच पहले से जारी
यह कार्रवाई वाटिका लिमिटेड से जुड़े मामले में ED की चल रही जांच का हिस्सा है। एजेंसी रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेशकों से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल और उसके वित्तीय ट्रेल की पड़ताल कर रही है। इससे पहले भी इस मामले से जुड़े परिसरों पर जांच एजेंसी कार्रवाई कर चुकी है।
जांच एजेंसी की ओर से सामने आए विवरण के मुताबिक, निवेशकों से जुटाए गए फंड के कथित डायवर्जन के बाद रकम के अलग-अलग कंपनियों तक पहुंचने की पड़ताल की जा रही है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसों का वास्तविक इस्तेमाल कहां हुआ और इस वित्तीय नेटवर्क में कौन-कौन से लोग या संस्थाएं शामिल थीं।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी
फिलहाल ED की तलाशी और जांच जारी है। एजेंसी की कार्रवाई से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, जांच में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और तलाशी के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता। आगे की कार्रवाई ED की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।