कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात

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नैनीताल, 17  सितंबर 2026।  उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा की तैयारी है। काठगोदाम से नैनीताल के हनुमानगढ़ी और आगे कैंची धाम तक रोपवे कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना पर करीब ₹2800 करोड़ खर्च होने की बात सामने आई है। परियोजना का उद्देश्य पहाड़ी सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव और जाम को कम करने के साथ यात्रियों को तेज और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

नैनीताल तक सड़क से सफर कठिन

हल्द्वानी से नैनीताल और कैंची धाम तक जाने के लिए पहाड़ी घाटों वाली घुमावदार सड़कों से होकर सफर करना पड़ता है। इस यात्रा में जहां घाटों को पार करने की चुनौती होती है वहीं संकरे रस्तों पर अक्सर ट्रैफिक जाम भी हो जाता है। खास तौर पर गर्मियों और छुट्टियों के दिनों में जब यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, तब सड़कों पर जाम एक बड़ी समस्या बन जाता है। हालांकि उत्तराखंड सरकार पर्यटकों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।

काठगोदाम से शुरू होगा रोपवे प्रोजेक्ट

मौजूदा योजना के मुताबिक काठगोदाम से हनुमानगढ़ी तक करीब 14.9 किलोमीटर लंबे रोपवे की योजना है। इसके बाद इसका विस्तार कैंची धाम तक किया जाएगा। अधिकारियों की बैठक में इस परियोजना के दायरे को कैंची धाम से जोड़ने पर चर्चा हुई है। रिपोर्ट के अनुसार परियोजना की लागत करीब ₹2800 करोड़ तक हो सकती है।

25 मिनट में पूरा हो सकेगा सफर

रोपवे बनने के बाद पहाड़ी सड़कों पर लगने वाले जाम से यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है। रिपोर्ट के अनुसार रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक रोपवे से यात्रा करीब 20 से 25 मिनट में पूरी हो सकेगी। फिलहाल सड़क मार्ग से इस सफर में करीब डेढ़ घंटे तक लग सकता है, खासकर पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान यातायात बढ़ने पर समय और अधिक हो जाता है।

सड़क पर कम होगा यातायात का दबाव

कैंची धाम और नैनीताल जाने वाले यात्रियों के लिए फिलहाल सड़क मार्ग प्रमुख विकल्प है। पर्यटन सीजन में वाहनों की संख्या बढ़ने से कई हिस्सों में यातायात दबाव बढ़ जाता है। रोपवे शुरू होने पर यात्रियों के एक हिस्से को वैकल्पिक परिवहन मिल सकता है, जिससे सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

कैंची धाम क्यों है खास?

कैंची धाम नैनीताल-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित नीम करौली बाबा से जुड़ा प्रसिद्ध आश्रम है। उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार यह नैनीताल से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित है और देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल है।

नई रोपवे योजना के पूरा होने के बाद काठगोदाम रेलवे स्टेशन से कैंची धाम तक यात्रा का एक नया विकल्प तैयार हो सकता है। हालांकि परियोजना के निर्माण, अंतिम मार्ग, समयसीमा और अन्य तकनीकी पहलुओं से जुड़ी प्रक्रियाएं अभी आगे बढ़ाई जानी हैं।

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