यौन शोषण मामले में बर्खास्त डॉ. सुखबीर सिंह की फिर वापसी

कुरुक्षेत्र CMO का अतिरिक्त प्रभार संभाला

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कुरुक्षेत्र , 12 सितंबर 2026।  कुरुक्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक मामला फिर चर्चा में है। यौन शोषण के मामले के बाद कार्रवाई का सामना कर चुके डॉ. सुखबीर सिंह ने एक बार फिर कुरुक्षेत्र के सिविल सर्जन यानी CMO का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब कुछ समय पहले हरियाणा सरकार ने उनकी पुनर्नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया था।

क्या था पूरा मामला?

अस्पताल में यौन शोषण की घटना: डॉ. सुखबीर सिंह के कार्यकाल के दौरान LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र के फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र शैली पर एक नाबालिग बच्ची के यौन शोषण का आरोप लगा था। घटना की जानकारी मिलते ही हरियाणा राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों की क्लास ली थी। लापरवाही के आरोपों और महिला आयोग की सिफारिश के बाद सरकार ने 3 जुलाई को डॉ. सुखबीर सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया था।

महिला आयोग ने उठाए थे गंभीर सवाल

LNJP अस्पताल मामले की जांच के दौरान हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आयोग ने तीन स्टाफ नर्सों को निलंबित करने, पीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की बात कही थी।

हालांकि, जून में जब डॉ. सुखबीर सिंह को हटाए जाने की चर्चाएं चल रही थीं, तब उन्होंने खुद ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें न तो निलंबन और न ही पद से हटाए जाने का कोई आदेश मिला है। उस समय अस्पताल की पीएमओ डॉ. साराह अग्रवाल भी अपने पद पर कार्यरत थीं।

कार्रवाई और वापसी ने खड़े किए सवाल

डॉ. सुखबीर सिंह की दोबारा जिम्मेदारी संभालने से प्रशासनिक स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर यह सवाल अहम है कि पूर्व में हुई कार्रवाई के बाद उनकी वर्तमान नियुक्ति किस आदेश या प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुई है।

मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक आदेश और नियुक्ति की शर्तें ही इस पूरी स्थिति को स्पष्ट कर सकती हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग पर फिर नजर

डॉ. सुखबीर सिंह की वापसी के बाद अब कुरुक्षेत्र के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नजर रहेगी। LNJP अस्पताल से जुड़े मामले ने पहले ही प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में CMO के अतिरिक्त प्रभार को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के फैसले की चर्चा होना स्वाभाविक है।

अब देखना होगा कि डॉ. सुखबीर सिंह कितने समय तक अतिरिक्त प्रभार संभालते हैं और इस संबंध में सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे क्या आदेश जारी किए जाते हैं।

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