नई दिल्ली, 09 सितंबर2026 । चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। घरेलू बाजार में चांदी का भाव ₹1,891 प्रति किलोग्राम बढ़कर करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। कीमती धातु में आई इस तेजी ने निवेशकों और सर्राफा बाजार की नजरें एक बार फिर चांदी की ओर खींच दी हैं।
चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हाल के कारोबारी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की स्थिति, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारकों का असर कीमती धातुओं पर दिखाई दे रहा है।
एक दिन में करीब 1900 रुपये की तेजी
चांदी के भाव में ₹1,891 प्रति किलो की बढ़ोतरी मामूली नहीं मानी जा रही है। एक किलोग्राम चांदी खरीदने वाले ग्राहकों पर इस तेजी का सीधा असर पड़ता है। चांदी की कीमत में प्रति ग्राम छोटे बदलाव का असर बड़ी मात्रा में खरीदारी करने पर हजारों रुपये तक पहुंच सकता है।
हालांकि अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, डीलर मार्जिन, उपलब्धता और अन्य लागतों के कारण चांदी का खुदरा भाव अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए, विभिन्न बाजारों में हालिया चांदी के भाव में अंतर देखा गया है।
क्यों बढ़ रही है चांदी की कीमत?
चांदी की कीमत केवल घरेलू मांग पर निर्भर नहीं करती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के भाव, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात लागत और घरेलू कमोडिटी बाजार की गतिविधियां इसकी कीमत को प्रभावित करती हैं। डॉलर में कमजोरी या वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर कीमती धातुओं में निवेश की मांग बढ़ सकती है।
इसके अलावा चांदी का इस्तेमाल केवल आभूषण और निवेश के लिए ही नहीं होता। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, औद्योगिक उपकरण और कई दूसरी तकनीकी जरूरतों में भी इसका इस्तेमाल होता है। इसलिए औद्योगिक मांग भी चांदी की कीमत को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है।
सोने के साथ चांदी पर भी नजर
इस समय वैश्विक बाजार में सोने और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बाजार विश्लेषकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा व्यापक भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की ओर रुख कर सकते हैं। हालांकि चांदी सोने की तुलना में अधिक अस्थिर मानी जाती है, इसलिए इसमें तेजी के साथ अचानक गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
चांदी के भाव में अचानक आई तेजी ने निवेशकों के लिए एक बार फिर इसके प्रदर्शन को चर्चा में ला दिया है। लेकिन केवल एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय कीमतों और मुद्रा विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर आगे भी चांदी के भाव पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि चांदी इस तेजी को बरकरार रख पाती है या फिर ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिलती है। मौजूदा बाजार परिस्थितियों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
चांदी खरीदने वालों पर असर
अगर चांदी की कीमत लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रहती है तो आभूषण, सिक्के और बर्तन खरीदने वाले ग्राहकों का बजट प्रभावित हो सकता है। वहीं जिन निवेशकों के पास पहले से चांदी है, उनके लिए कीमतों में तेजी फायदे का कारण बन सकती है।
फिलहाल ₹2.36 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंची चांदी ने बाजार में फिर से तेजी की चर्चा बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा और वैश्विक घटनाक्रम यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि चांदी का अगला रुझान किस ओर जाता है।