चंडीगढ़ , 09 सितंबर2026 । चंडीगढ़ में ऐप आधारित कैब और बाइक-टैक्सी सेवाओं पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025 के कथित उल्लंघन को लेकर Uber और Rapido के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई 8 सितंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हुई है। इससे पहले इसी साल Ola और inDrive के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। नतीजा यह है कि चंडीगढ़ में चार प्रमुख ऐप-बेस्ड एग्रीगेटर सेवाएं अब निलंबित हो चुकी हैं।
यूनियन टेरिटरी में Uber की सर्विस Uber इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड चलाती है। इसे नवंबर 2022 में चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा अपनाए गए ‘मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2020’ के तहत 27 फरवरी, 2024 को नंबर 04/STA/AL/2024 के साथ एग्रीगेटर लाइसेंस दिया गया था। Rapido को रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड चलाती है। दोनों लाइसेंस 2025 के नियमों के तहत जारी माने जाते हैं।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के मुताबिक Uber और Rapido को नियमों का पालन करने के लिए लंबे समय से नोटिस और शो-कॉज नोटिस जारी किए जा रहे थे। दोनों कंपनियों को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के कई अवसर भी दिए गए, लेकिन प्रशासन के अनुसार जवाब संतोषजनक नहीं रहे।
इसके बाद STA ने Chandigarh Administration Motor Vehicles Aggregators Rules, 2025 के Rule 17 के तहत दोनों कंपनियों के लाइसेंस निलंबित करने का फैसला लिया।
ड्राइवरों के बीमा और ट्रेनिंग पर सवाल
प्रशासन की कार्रवाई में ड्राइवरों के लिए निर्धारित बीमा और प्रशिक्षण से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के आरोप भी शामिल हैं। खासतौर पर Rapido की बाइक-टैक्सी सेवाओं में उपलब्ध बीमा कवर को लेकर STA ने आपत्ति जताई। अधिकारियों के मुताबिक उपलब्ध कवर नियमों में निर्धारित व्यापक बीमा आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता था।
इसके अलावा एग्रीगेटर्स द्वारा प्रशासन की ओर से निर्धारित किराया व्यवस्था का पालन नहीं किए जाने का मुद्दा भी कार्रवाई के प्रमुख कारणों में शामिल रहा।
Uber के सब्सक्रिप्शन मॉडल पर भी आपत्ति
Uber को लेकर STA ने उसके ड्राइवर सब्सक्रिप्शन या रिचार्ज मॉडल पर भी सवाल उठाए। प्रशासन के अनुसार ड्राइवरों से प्रीपेड रिचार्ज या सब्सक्रिप्शन लेने की व्यवस्था और उससे जुड़ी किराया प्रणाली चंडीगढ़ के लागू नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई।
जांच के दौरान गैर-कमर्शियल वाहनों के प्लेटफॉर्म से जुड़े होने की बात भी सामने आई, जिसे UT के नियमों के तहत अनुमति नहीं है। इसके अलावा अधिकारियों ने Uber के स्थानीय कार्यालय को निरीक्षण के दौरान बंद पाए जाने का भी उल्लेख किया।
छह महीने तक नहीं चलेंगी सेवाएं
निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होने के कारण Uber और Rapido को चंडीगढ़ में अपनी संबंधित एग्रीगेटर सेवाएं संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों कंपनियों पर लगा निलंबन छह महीने तक रहेगा।
Ola और inDrive पर पहले हुई कार्रवाई को जोड़ने पर चंडीगढ़ में चार प्रमुख ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर सेवाएं निलंबित हो चुकी हैं। इससे शहर में रोजाना कैब या बाइक-टैक्सी पर निर्भर रहने वाले यात्रियों के सामने परिवहन के विकल्प सीमित हो गए हैं।
यात्रियों और ड्राइवरों पर क्या होगा असर?
इस कार्रवाई का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जो चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के बीच आने-जाने के लिए ऐप आधारित कैब सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। खासतौर पर ऑफिस जाने वाले यात्रियों, छात्रों और देर रात सफर करने वालों के लिए कैब की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
वहीं, इन प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों के सामने भी कमाई का संकट खड़ा हो सकता है। प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर ऐप सेवाओं के निलंबन के बाद यात्रियों और ड्राइवरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी।
अब Bharat Taxi पर बढ़ेगा दबाव
चार प्रमुख एग्रीगेटर सेवाओं के निलंबन के बाद Bharat Taxi चंडीगढ़ में प्रमुख रूप से उपलब्ध रहने वाली ऐप आधारित सेवाओं में एकमात्र बड़ा विकल्प रह गया है। ऐसे में यात्रियों का दबाव इस प्लेटफॉर्म पर बढ़ने की संभावना है।
यह पूरा घटनाक्रम चंडीगढ़ में ऐप-बेस्ड परिवहन के नियमन को लेकर प्रशासन की सख्ती को भी दर्शाता है। आने वाले महीनों में कंपनियां नियमों के अनुरूप अपनी व्यवस्था में बदलाव करती हैं या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।
नियमों के पालन पर प्रशासन का स्पष्ट संदेश
चंडीगढ़ प्रशासन की लगातार कार्रवाई से साफ है कि एग्रीगेटर कंपनियों को स्थानीय नियमों के मुताबिक संचालन करना होगा। ड्राइवरों का बीमा, प्रशिक्षण, वाहनों की पात्रता और निर्धारित किराया जैसे मुद्दों को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है।
ऐसे में आने वाले समय में इन कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती नियमों का पालन सुनिश्चित करके लाइसेंस बहाली की दिशा में आगे बढ़ना होगी। फिलहाल चंडीगढ़ के यात्रियों के लिए Uber और Rapido की सेवाएं छह महीने के निलंबन के कारण उपलब्ध नहीं रहेंगी।