पटना , 08 सितंबर2026 । बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बिहार को आर्थिक मदद देने की मांग की है। लालू यादव ने सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो साझा करते हुए कहा कि राज्य को राहत के नाम पर भीख नहीं, बल्कि उसके क्रेडिट और हक के अनुरूप पैसा मिलना चाहिए।
एक दशक बाद आई बाढ़ में बिहार का खजाना खाली: लालू
लालू यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा- एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ में जब बिहार सरकार का खजाना खाली है, राजकोषीय तनाव चरम पर है तब मुझे मेरा सड़क से सदन तक का संघर्ष याद आ रहा है। लालू यादव ने कहा कि जितना पक्ष-विपक्ष में रहकर बिहार और बिहारियों के हक के लिए वो लड़े हैं, उतना आज तक कोई नहीं लड़ा। अटल जी की कैबिनेट में एक दर्जन कैबिनेट मंत्री बिहार से थे, लेकिन राज्य में मेरी सरकार थी तो भाजपाइयों ने बिहार को उसके हिस्से का बजट कभी नहीं दिया, कुछ नहीं दिया और ना ही देने दिया। पंचवर्षीय योजना तक में रोक लगा देते थे कि बिहार को पैसा ना मिले। उस वक्त राज्य सीधे उधार भी नहीं ले सकते थे।
लालू यादव ने अपने बयान में नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि 2005 के बाद उनके समय में केंद्र से मिली राशि का इस्तेमाल नीतीश सरकार ने अपनी उपलब्धियां दिखाने के लिए किया। लालू ने कहा कि नीतीश ने “रगड़-रगड़ कर अपना चेहरा चमकाया”, लेकिन बिहार के हितों की लड़ाई दिल्ली में प्रभावी ढंग से नहीं लड़ सके।
आरजेडी प्रमुख ने एनडीए के सांसदों की संख्या का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि बिहार से बड़ी संख्या में सांसद होने के बावजूद राज्य की आवाज केंद्र तक प्रभावी ढंग से क्यों नहीं पहुंच रही है। उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर राजनीतिक कटाक्ष करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल पर सवाल खड़े किए।
बाढ़ से 13 जिले प्रभावित
लालू यादव की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बिहार के कई हिस्से बाढ़ की गंभीर स्थिति से जूझ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक राज्य के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 34 लाख से अधिक लोग इसके असर में हैं। गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी हैं। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि गंगा का जलस्तर कुछ स्थानों पर घटने लगा है और आने वाले दिनों में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
‘बाढ़ का स्थायी समाधान चाहिए’
लालू यादव ने सिर्फ तत्काल राहत राशि देने के बजाय बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी उठाई। उन्होंने नेपाल से आने वाली नदियों और बाढ़ के मुद्दे पर स्थायी व्यवस्था की जरूरत बताई। उनके मुताबिक केवल बाढ़ आने के बाद राहत और मुफ्त सहायता की घोषणा करने के बजाय नदी प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार होनी चाहिए।
उन्होंने नदियों के रखरखाव और नेपाल के साथ बातचीत का मुद्दा भी उठाया। लालू का कहना है कि बिहार में हर साल बाढ़ से होने वाली तबाही को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
बिहार को ‘क्रेडिट के अनुरूप पैसा’ देने की मांग
लालू यादव ने अपने बयान में बिहार की वित्तीय स्थिति और क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार से बाहर जाकर काम करने वाले लोग अपनी कमाई राज्य में भेजते हैं, लेकिन उसके अनुपात में राज्य को वित्तीय संसाधन क्यों नहीं मिलते। उन्होंने केंद्र से बिहार को उसके आर्थिक योगदान और जरूरत के अनुरूप संसाधन देने की मांग की।
इस पूरे बयान के जरिए लालू यादव ने बाढ़ को लेकर राहत एवं पुनर्वास के साथ-साथ बिहार की आर्थिक हिस्सेदारी का मुद्दा भी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। ऐसे में बाढ़ की स्थिति के बीच आने वाले दिनों में बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।