अखिलेश से CJP नेता आशुतोष रांका की डेढ़ घंटे मुलाकात
यूपी चुनाव से पहले गठबंधन की अटकलें; सपा ने बताया असली मकसद
लखनऊ, 04 सितंबर2026 । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लखनऊ में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका की मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। मुलाकात के बाद रांका ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।
अखिलेश यादव और सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका की मुलाकात पर अब सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि CJP के प्रवक्ता ने अखिलेश यादव से मुलाकात तो की थी, लेकिन इसका मकसद आभार जताना था। यह मुलाकात इसलिए थी, क्योंकि समाजवादी पार्टी ने जंतर-मंतर पर हुए देशव्यापी युवा आंदोलन का समर्थन किया था और सदन में लगातार यह मुद्दा उठाया था। अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने आंदोलन को समर्थन दिया था। समाजवादी पार्टी CJP के किसी भी दूसरे मुद्दे या राजनीतिक फ़ैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।
क्या CJP यूपी में चुनाव लड़ेगी?
मुलाकात के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या CJP उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। हालांकि, अभी तक CJP या समाजवादी पार्टी की ओर से यूपी विधानसभा चुनाव में साथ आने, सीटों पर चुनाव लड़ने या गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे सियासी संभावनाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है।
सपा ने बताया मुलाकात का मकसद
समाजवादी पार्टी की ओर से इस मुलाकात को लेकर सफाई सामने आई है। पार्टी प्रवक्ता फखरुल हसन चांद के मुताबिक, आशुतोष रांका ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर CJP के आंदोलनों को समर्थन देने के लिए आभार जताया। सपा नेताओं ने पहले जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलन समेत छात्र मुद्दों पर समर्थन जताया था। पार्टी ने CJP के किसी अन्य राजनीतिक फैसले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
युवाओं और शिक्षा के मुद्दे पर हुई चर्चा
रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में युवाओं, बेरोजगारी, शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। CJP हाल के समय में छात्र और शिक्षा से जुड़े अभियानों को लेकर सक्रिय रही है, जबकि अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं।
पहले भी CJP को समर्थन दे चुके हैं अखिलेश
CJP के छात्र आंदोलनों के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं की ओर से समर्थन सामने आया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर सपा सांसद डिंपल यादव समेत पार्टी नेताओं की मौजूदगी और समर्थन की चर्चा रही है। ऐसे में रांका और अखिलेश की मुलाकात को उसी संवाद की अगली कड़ी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
बीजेपी ने साधा निशाना
मुलाकात के बाद बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी ने CJP के आंदोलन और अखिलेश यादव से हुई मुलाकात को लेकर राजनीतिक निशाना साधा। इससे साफ है कि इस मुलाकात ने यूपी की सियासत में पक्ष-विपक्ष के बीच बहस को भी हवा दे दी है।
क्या बनेगा कोई नया सियासी समीकरण?
फिलहाल तस्वीर इतनी ही साफ है कि अखिलेश यादव और आशुतोष रांका के बीच लंबी बातचीत हुई है और युवाओं तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे। लेकिन इसे चुनावी गठबंधन या CJP के यूपी में चुनाव लड़ने की पुष्टि मानना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में CJP की राजनीतिक गतिविधियां और सपा के साथ उसका संवाद यह तय कर सकता है कि यह मुलाकात केवल मुद्दों तक सीमित रहती है या कोई बड़ा चुनावी समीकरण आकार लेता है।