पिता की मौत की खबर ने बेटी को तोड़ दिया, अमेरिका से 13 हजार किमी का सफर तय कर नूंह पहुंची

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नूंह, 04 सितंबर2026 । नूंह में एक परिवार के लिए पिता का निधन बेहद भावुक कर देने वाला पल बन गया। पिता की मौत की खबर मिलने के बाद अमेरिका में रह रही उनकी बेटी खुद को रोक नहीं पाई और अंतिम दर्शन के लिए करीब 13 हजार किलोमीटर का सफर तय कर नूंह पहुंची। हजारों किलोमीटर दूर होने के बावजूद बेटी ने पिता को अंतिम विदाई देने का फैसला किया।

पिता के अंतिम दर्शन को पहुंचीं बेटी

अमेरिका में अपनी जिंदगी और पेशे में व्यस्त डॉ. भारती गर्ग के सामने हजारों किलोमीटर की दूरी थी, लेकिन पिता की अंतिम विदाई उनके लिए सबसे जरूरी थी। लंबी हवाई यात्रा के बाद वह सीधे अपने घर पहुंचीं और पिता के अंतिम दर्शन किए। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं। विदेश में रहने वाली बेटी के सामने चाहती तो कई मजबूरियां हो सकती थीं, लेकिन पिता की अंतिम विदाई से बड़ी कोई मजबूरी नहीं थी।

अंतिम दर्शन के लिए लंबा सफर

पिता के निधन की सूचना मिलते ही बेटी ने अमेरिका से भारत आने की तैयारी शुरू कर दी। लंबी हवाई यात्रा और उसके बाद नूंह तक का सफर तय करके वह परिवार के बीच पहुंची। उसका उद्देश्य सिर्फ एक था—अपने पिता के अंतिम दर्शन करना और उन्हें आखिरी विदाई देना।

बेटी के घर पहुंचने के बाद परिवार का माहौल बेहद गमगीन हो गया। पिता के अंतिम दर्शन करते समय वह भावुक हो उठी। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों के लिए भी यह दृश्य बेहद मार्मिक रहा। विदेश में रहने के बावजूद पिता के प्रति बेटी का लगाव इस घटना में साफ दिखाई दिया।

दूरी रिश्तों के बीच नहीं बनी दीवार

आज बड़ी संख्या में लोग रोजगार, पढ़ाई या अन्य कारणों से विदेशों में रहते हैं। ऐसे में परिवार में किसी करीबी के निधन की खबर हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले परिजनों के लिए बेहद मुश्किल समय लेकर आती है। इस मामले में बेटी ने दूरी की परवाह किए बिना पिता को अंतिम विदाई देने का फैसला किया।

पिता और बेटी का रिश्ता भावनाओं से जुड़ा होता है। पिता के निधन के बाद बेटी का अमेरिका से नूंह पहुंचना इसी रिश्ते की गहराई को दिखाता है। अंतिम दर्शन के दौरान परिवार के लोगों के साथ उसका भावुक होना वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।

विदेश में रहने वालों के लिए मुश्किल घड़ी

विदेश में रहने वाले भारतीय परिवारों के सामने अपनों के निधन जैसी परिस्थितियों में कई चुनौतियां आती हैं। अचानक यात्रा की व्यवस्था करना, लंबी दूरी तय करना और समय पर घर पहुंचना आसान नहीं होता। इसके बावजूद परिवार के अंतिम संस्कार और अंतिम दर्शन के लिए लोग हर संभव प्रयास करते हैं।

नूंह में भावुक विदाई

नूंह में पिता के अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और रिश्तेदारों की आंखें नम रहीं। अमेरिका से पहुंची बेटी ने पिता को अंतिम विदाई दी। हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके घर पहुंचने की यह कहानी पिता-बेटी के रिश्ते और परिवार के प्रति भावनात्मक जुड़ाव को सामने लाती है।

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