यमुनानगर, 02 सितंबर2026 । हथिनी कुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स के जवानों की ट्रेनिंग के दौरान हादसा होने से हड़कंप मच गया। प्रशिक्षण के दौरान जवान यमुना नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए और पानी में बह गए। हादसे के बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें तीन जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दो जवानों के अभी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक स्पेशल फोर्स की यह ट्रेनिंग 30 अगस्त से चल रही थी और मंगलवार को इसका अंतिम दिन था। मंगलवार शाम करीब पांच बजे यमुना की अपस्ट्रीम में अभ्यास कराया जा रहा था। इस दौरान जवान हेलिकॉप्टर से एक-एक कर यमुना में खड़ी मोटर बोट में उतर रहे थे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद मोटर बोट अचानक स्टार्ट नहीं हो सकी। इसी दौरान तेज बहाव के कारण बोट बहने लगी और जवान यमुना में गिर गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव टीमों को सक्रिय किया गया। नदी में बहे जवानों की तलाश के लिए गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों की मदद ली जा रही है। तेज बहाव और नदी की परिस्थितियों को देखते हुए बचाव अभियान में चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग में जवानों को कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया जाता है। नदी और जलधारा से जुड़ी ट्रेनिंग के दौरान जवानों को तैराकी, बचाव और आपात स्थिति से निपटने की तकनीकों का अभ्यास कराया जाता है। हथिनी कुंड बैराज क्षेत्र में यमुना का बहाव तेज होने की स्थिति में ऐसी ट्रेनिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी होती है।
हादसे के बाद सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता दोनों जवानों को सुरक्षित तलाशना है। रेस्क्यू टीम नदी के संभावित बहाव क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही है। अधिकारियों की निगरानी में अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है और परिस्थितियों के अनुसार बचाव संसाधनों को बढ़ाया जा सकता है।
घटना के बाद ट्रेनिंग की सुरक्षा व्यवस्था और नदी में अभ्यास के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और किसी तरह की लापरवाही के संबंध में आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पूरा ध्यान लापता जवानों की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन पर है।
हथिनी कुंड बैराज हरियाणा के यमुनानगर जिले में यमुना नदी पर स्थित महत्वपूर्ण जल संरचना है। यहां नदी के बहाव और जलस्तर में बदलाव की स्थिति को देखते हुए किसी भी जल प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
तीन जवानों के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद अब रेस्क्यू टीमों की कोशिश लापता दो जवानों तक पहुंचने की है। हादसे की जानकारी सामने आने के बाद जवानों के परिवारों और साथियों में भी चिंता का माहौल है। अभियान पूरा होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।