मुंबई , 02 सितंबर2026 । दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में करीब छह साल बाद बड़ा कानूनी मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले में FIR दर्ज करने और जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद 2020 में हुई दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियों की दोबारा विस्तृत जांच का रास्ता साफ हो गया है।
मुंबई पुलिस ने अक्टूबर 2020 में दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या मानते हुए जांच बंद कर दी थी। हालांकि, दिशा के पिता सतीश सालियान का आरोप है कि दिशा के साथ गैंगरेप और हत्या हुई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने मामले की नए सिरे से जांच और शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने मामले में Accidental Death Report दर्ज की थी। बाद में इस मौत को लेकर अलग-अलग सवाल और आरोप सामने आते रहे। दिशा की मौत के कुछ ही दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी, जिसके चलते दोनों मामलों को लेकर सार्वजनिक स्तर पर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें सामने आईं।
दिशा के पिता सतीश सालियान ने मामले की जांच दोबारा कराने और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। उनका आरोप था कि उनकी बेटी की मौत के मामले में पर्याप्त जांच नहीं हुई और कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई। हालांकि, ये आरोप अभी जांच का विषय हैं और इन्हें अदालत द्वारा साबित तथ्य नहीं माना गया है।
सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस बात पर सवाल उठाए थे कि लंबे समय तक मामले में केवल ADR जांच पर निर्भर क्यों रहा गया और FIR दर्ज कर नियमित आपराधिक जांच क्यों नहीं की गई। अदालत ने जांच की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए थे। अब CBI जांच के जरिए मौत से जुड़े घटनाक्रम, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की नए सिरे से पड़ताल की जाएगी।
दिशा सालियान का नाम सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ने के कारण यह मामला पहले से ही चर्चा में रहा है। हालांकि, दोनों मौतों के बीच किसी आपराधिक संबंध को लेकर अलग-अलग दावे और अटकलें सामने आती रही हैं। इसलिए नई जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि दिशा की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और क्या इस मामले में किसी आपराधिक पहलू के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
अब CBI की जांच पर नजर रहेगी। FIR दर्ज होने और जांच आगे बढ़ने के बाद एजेंसी घटनास्थल, उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और पहले की जांच से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा कर सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दिशा सालियान की मौत को लेकर उठाए गए सवालों का कानूनी और तथ्यात्मक आधार क्या है।