IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर सियासत तेज
BJP नेता का दावा- राहुल गांधी से मुलाकात के बाद छोड़ी सेवा; कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
लखनऊ , 31 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। BJP नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत उमराव ने दावा किया है कि दिव्या मित्तल ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इस्तीफा दिया। उन्होंने उनकी कार्यशैली और राजनीतिक नेतृत्व से कथित संपर्क को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
प्रशांत उमराव ने एक्स पर दिव्या मित्तल का जिक्र करते हुए कहा कि हमेशा राजा रहने की इच्छा थी, इसलिए सयुक्त सचिव का पद रास नहीं आया। डीएम के बाद सीधे कमिश्नर बनना था। प्रशांत ने कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लिखा कि आम्मुग्धता और पीआर की ललक इतनी ज्यादा है कि मोदी सरकार की हर घर योजना को अपना प्रयास बताकर उद्घाटन कर दिया जाता है और स्थानीय सांसद को भी नही बुलाया जाता।
हालांकि, दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे की वजह के तौर पर राहुल गांधी से मुलाकात का कोई उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने अपने सार्वजनिक संदेश में 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद स्वेच्छा से अपने सफर को विराम देने की बात कही और अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा किया। इसलिए BJP नेता के दावे को फिलहाल राजनीतिक आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दिव्या मित्तल अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान कई बार चर्चा में रही हैं। देवरिया की जिलाधिकारी रहते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर उनके एक बयान ने भी राजनीतिक विवाद पैदा किया था। वहीं, मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए लहुरियादह गांव में पेयजल पहुंचाने जैसे कार्यों के लिए उनकी प्रशंसा भी हुई।
इस्तीफे के बाद अब उनके भविष्य को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से राजनीति में प्रवेश या चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। साथ ही, IAS अधिकारी का इस्तीफा सरकार की स्वीकृति के बाद ही प्रभावी माना जाता है।