सुखबीर बादल की CM उम्मीदवारी पर BJP की असहमति

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चंडीगढ़, 28 अगस्त 2026 । पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर नया पेंच सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी सुखबीर सिंह बादल को गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन की राह में नेतृत्व का सवाल महत्वपूर्ण अड़चन बनता दिखाई दे रहा है।

सीएम चेहरे पर फंसा पेच

गठबंधन की स्थिति में चुनाव के बाद नेतृत्व का फॉर्मूला भी चर्चा का अहम मुद्दा है। सूत्रों के मुताबिक, अगर दोनों दल अधिक सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो मुख्यमंत्री पद के लिए अकाली दल के चेहरे को आगे किए जाने की संभावना है। अकाली दल की ओर से सुखबीर सिंह बादल को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि बीजेपी के कुछ नेता इस बात को लेकर सहमत नहीं हैं कि चुनाव से पहले किसी एक नेता को औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए। बीजेपी के इस धड़े का मानना है कि पहले चुनावी प्रदर्शन पर ध्यान दिया जाना चाहिए और परिणाम आने के बाद नेतृत्व पर फैसला किया जा सकता है। वहीं उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी दोनों दलों के बीच चर्चा होने की संभावना है।

CM चेहरे पर फंसा गठबंधन

बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन की चर्चाओं में सीट बंटवारे के साथ मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी बड़ा मुद्दा बन गया है। अकाली दल के लिए सुखबीर बादल पार्टी के प्रमुख नेताओं में हैं, जबकि बीजेपी पंजाब में अपने राजनीतिक विस्तार के बाद नेतृत्व को लेकर अलग रणनीति पर आगे बढ़ना चाहती है।

सुखबीर बादल की भूमिका पर BJP का रुख

सुखबीर सिंह बादल अकाली दल के अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल हैं। हालांकि, बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन में उनकी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर सहमति बनना अभी बाकी बताया जा रहा है। यही मुद्दा दोनों पार्टियों के बीच बातचीत को जटिल बना सकता है।

2020 में टूट गया था पुराना गठबंधन

बीजेपी और अकाली दल का लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन रहा था। कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में दोनों दल अलग हो गए थे। इसके बाद दोनों ने अलग-अलग चुनाव लड़े। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच दोबारा राजनीतिक तालमेल की संभावना को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

सीटों के साथ नेतृत्व भी अहम

संभावित गठबंधन में सीटों का बंटवारा पहले से ही महत्वपूर्ण विषय है। इसके साथ मुख्यमंत्री पद का चेहरा तय करना भी दोनों दलों के लिए चुनौती बन गया है। बीजेपी अगर किसी अन्य चेहरे के पक्ष में रहती है और अकाली दल सुखबीर बादल की दावेदारी पर कायम रहता है, तो गठबंधन की बातचीत प्रभावित हो सकती है।

2027 में त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर

पंजाब में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल के बीच चुनावी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। यदि बीजेपी और अकाली दल साथ आते हैं तो इसका राज्य की चुनावी राजनीति पर असर पड़ सकता है। लेकिन गठबंधन के लिए नेतृत्व, सीट बंटवारे और साझा रणनीति जैसे मुद्दों पर सहमति बनाना जरूरी होगा।

फिलहाल सुखबीर बादल को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने पर कथित असहमति ने बीजेपी-अकाली गठबंधन की राह में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत से ही स्पष्ट होगा कि गठबंधन किस स्वरूप में आगे बढ़ता है।

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