रुड़की, 22 अगस्त 2026 ।उत्तराखंड के रुड़की में जलभराव की समस्या से परेशान स्कूली बच्चों और शिक्षकों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। कृष्णा नगर स्थित स्काईवर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर पानी भरने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसके विरोध में स्कूल प्रबंधन बच्चों को तीन बसों में लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच गया और वहीं कक्षा लगाकर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
देशभर में आज कल जेन जी और अल्फा सिस्टम को सुधारने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा रुड़की के नगर निगम कार्यालय में देखने को मिला।कृष्णा नगर स्थित स्काईवर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तीन बसें नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। बसों से उतरकर बच्चे सीधे नगर निगम कार्यालय पहुंचे और स्कूल के बाहर जलभराव और गड्डों में पानी की समस्या को लेकर विरोध जताया।
नगर निगम में बना स्कूल जैसा माहौल
स्कूल के बच्चों और शिक्षकों ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर जलभराव की समस्या के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान एक शिक्षक ने नगर आयुक्त के कार्यालय में ही बोर्ड लगाकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। यानी जिस जगह अधिकारियों को शहर की समस्याओं का समाधान करना था, वहीं बच्चों ने अपनी पढ़ाई के जरिए प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर खींचा।
स्कूल के बाहर कई फीट पानी से परेशानी
स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, कृष्णा नगर में बारिश के बाद लंबे समय तक जलभराव रहता है। सड़क पर पानी जमा होने से विद्यार्थियों के लिए स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से स्कूल बंद रखने की स्थिति बनी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
प्रदर्शन में बच्चों के साथ उनके अभिभावक और स्थानीय निवासी भी शामिल रहे। बच्चों ने पोस्टर लेकर जलभराव की समस्या का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लंबे समय से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का प्रभावी समाधान नहीं हुआ।
‘जेन अल्फा’ ने उठाया सवाल
बच्चों के इस अनोखे प्रदर्शन को ‘जेन अल्फा’ का प्रदर्शन बताया जा रहा है। Gen Alpha में सामान्यतः 2010 से 2025 के बीच जन्मे बच्चों को शामिल किया जाता है। इन बच्चों ने विरोध का ऐसा तरीका चुना, जिसमें पढ़ाई को ही प्रदर्शन का माध्यम बना दिया गया।
नगर निगम कार्यालय में बच्चों की कक्षा लगने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय कृष्णा नगर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो।