गुरुग्राम, 22 अगस्त 2026 । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित ‘जेन-एच युवा उद्यमी चौपाल’ कार्यक्रम में युवाओं के साथ अपने राजनीतिक सफर और संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में पंचकूला स्थित बीजेपी कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करते समय उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह हरियाणा के मुख्यमंत्री बनेंगे।
मेरे राजनीतिक सफर में कोई लिफ्ट नहीं थी
राजनीति में बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के आगे बढ़ने के बारे में पूछे जाने पर सैनी ने कहा कि उनके सफर में कोई लिफ्ट नहीं थी, केवल सीढ़ियां थीं, और कई बार ऐसा भी हुआ जब अगला कदम तक दिखाई नहीं देता था। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने के बाद उनकी पहली जिम्मेदारी खुद चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि किसी दूसरे उम्मीदवार के चुनाव अभियान में काम करना था। उस दौरान वह रात 2 बजे तक काम करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2009 में उन्हें चुनाव लड़ने का मौका मिला तो उनके पास चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं थे। ऐसे समय में लोगों ने उनकी मदद की और चुनाव लड़ने में साथ दिया। हालांकि वह चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने तय किया कि हार उनकी पहचान नहीं बनेगी, बल्कि वह उससे सीख लेकर आगे बढ़ेंगे।
सैनी ने युवाओं से कहा कि उनकी सफलता के पीछे कोई शॉर्टकट नहीं था। उन्होंने अपने सफर को “लिफ्ट नहीं, सिर्फ सीढ़ियां” बताया। उनके मुताबिक, राजनीति में आगे बढ़ने के दौरान कई बार अगला कदम भी दिखाई नहीं देता था, लेकिन उन्होंने मेहनत और धैर्य का साथ नहीं छोड़ा।
2009 की हार के बाद भी नहीं छोड़ा जनता का साथ
नायब सिंह सैनी ने बताया कि 2009 में जब उन्हें चुनाव लड़ने का मौका मिला तो उनके पास पर्याप्त पैसे भी नहीं थे। स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की, लेकिन चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने राजनीति से दूरी नहीं बनाई और हार के अगले ही दिन जनता के बीच पहुंच गए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि असफलता को अपनी पहचान नहीं बनने देना चाहिए। उनका मानना है कि व्यक्ति को अपनी पहचान अपने काम से बनानी चाहिए और सफलता के लिए निरंतरता, विश्वसनीयता तथा धैर्य जरूरी है।
2014 में मिली पहली बड़ी सफलता
लगातार जनता के बीच सक्रिय रहने का नतीजा 2014 में मिला, जब नायब सिंह सैनी नारायणगढ़ विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। वह मंत्री बने, 2019 में कुरुक्षेत्र से लोकसभा सांसद चुने गए और बाद में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
इसके बाद मार्च 2024 में उन्हें हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
युवाओं से संवाद के दौरान सैनी ने अपने अनुभवों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि साधारण शुरुआत किसी व्यक्ति की अंतिम मंजिल तय नहीं करती। उन्होंने युवाओं को असफलताओं से सीखने, लगातार मेहनत करने और अपने काम के प्रति भरोसा बनाए रखने की सलाह दी।