वॉशिंगटन, 21 अगस्त 2026 । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर सकता है। इससे ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ने के संकेत हैं।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई करना जरूरी था।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ईरान की ओर से फिर ऐसा खतरा पैदा हुआ, तो अमेरिका फिर से कड़े कदम उठाएगा।
अमेरिका ने ईरान की मदद करने वालों को चेतावनी दी
अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों और कंपनियों को चेतावनी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बैसेंट ने कहा कि जो लोग ईरान के साथ कारोबार जारी रखेंगे, उनके खिलाफ अमेरिका कड़े आर्थिक कदम उठा सकता है।
दरअसल, अमेरिका ने गुरुवार को ईरान पर नई आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। इसका मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाकर उसे परमाणु कार्यक्रम खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए मजबूर करना है।
अमेरिका पहले ही ईरान के तेल, बैंकिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर कई प्रतिबंध लगा चुका है। अब वह ईरान से जुड़े दूसरे देशों और कंपनियों पर भी दबाव बढ़ाने की तैयारी में है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल और गैस की आवाजाही होती है। ऐसे में इस मार्ग पर लंबे समय तक तनाव या आवाजाही में रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
ट्रंप के दावे पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के नियंत्रण के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि होर्मुज ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल से जुड़ा मार्ग है और अमेरिका इसे केवल बयान या सैन्य दबाव के जरिए अपना क्षेत्र नहीं बना सकता।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। होर्मुज को लेकर दोनों देशों के रुख में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है।