पटना, 21 अगस्त 2026 । बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर राज्य के वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार आर्थिक संकट से जूझ रहा है, घाटा बढ़ रहा है और कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
बिहार गंभीर आर्थिक संकट में: तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार को गंभीर आर्थिक संकट की ओर धकेला जा रहा है। उनके मुताबिक, राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ठेकेदारों के बकाये और विकास कार्यों के लिए समय पर पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं हो रही है।
तेजस्वी यादव ने सरकार से सवाल किया कि जब राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी चुनौतीपूर्ण है तो आखिर सरकारी पैसा कहां खर्च हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई योजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं और सरकार के पास आर्थिक संकट से निपटने की कोई स्पष्ट रणनीति दिखाई नहीं दे रही है।
तेजस्वी के निशाने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी रहे। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है।
विपक्ष की ओर से उठाए गए इन सवालों का जवाब सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट के आंकड़ों के आधार पर ही स्पष्ट होगा। बिहार सरकार की ओर से विकास, निवेश और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिए जाने के बीच विपक्ष वित्तीय संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सरकार को घेर रहा है।
यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और गरमा सकता है। खासकर राज्य के राजस्व, कर्ज, सरकारी खर्च और विकास योजनाओं पर होने वाला खर्च चुनावी बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। तेजस्वी यादव के आर्थिक सवालों ने सरकार के सामने वित्तीय प्रबंधन और खर्च की प्राथमिकताओं को लेकर जवाब देने की चुनौती खड़ी कर दी है।