दिल्ली वालों के लिए आसान होगा सरकारी कामकाज, 18 महीने में पूरा होगा सरकार का बड़ा प्रोजेक्ट

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नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026 । दिल्ली के लोगों के लिए सरकारी कामकाज को आसान और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अहम परियोजना पर काम किया जा रहा है। सरकार की योजना है कि यह प्रोजेक्ट 18 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए। परियोजना के पूरा होने के बाद आम लोगों को सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं से जुड़े कामों में राहत मिलने की उम्मीद है।

जोन और जिले की सीमा में उलझे प्रशासनिक ढांचे में सुधार को लेकर सरकार ने सबसे पहले एमसीडी जोन और जिले की सीमाओं को एक करके दिल्ली में 13 जिले बनाए है। अब इन जिला कार्यालयों (डीएम ऑफिस) में पुलिस को छोड़कर एमसीडी जोन, समाज कल्याण विभाग, पीडब्ल्यूडी, श्रम विभाग, जल बोर्ड, आरटीओ समेत सभी कार्यालय एक ही जगह स्थित होंगे, जिसे जिले का मिनी सचिवालय कहा जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पहले मिनी सचिवालय के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति हो चुकी 35,535 वर्ग मीटर में विकसित किया जाएगा। एक प्रस्तावित डिजाइन अंतिम चरण में है। इसमें वेटिंग रूम, हेल्पडेस्क, डिजिटल सुविधा और शिकायतों के लिए कियोस्क के साथ सिंगल विंडो सिस्टम बनाने की योजना है। इससे आवेदक एक ही जगह आवेदन कर सकेगा। फिर उसे संबंधित विभाग में 212 करोड़ की मंजूरी पहले ही दे चुकी है।

सरकारी दफ्तरों में किसी काम के लिए बार-बार चक्कर लगाने, अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय और दस्तावेजी प्रक्रिया में लगने वाला समय लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण रहा है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट के जरिए इन प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का इस्तेमाल कर नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई जाए। इससे लोगों को आवेदन, दस्तावेज जमा करने, स्थिति की जानकारी लेने और विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़े कामों में सुविधा मिल सकती है।

18 महीने की समयसीमा तय किए जाने के बाद अब परियोजना की प्रगति पर विशेष निगरानी महत्वपूर्ण होगी। समय पर काम पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और लगातार मॉनिटरिंग जरूरी होगी। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इसका वास्तविक लाभ दिल्ली के आम नागरिकों तक पहुंचाना सरकार के सामने अगली बड़ी चुनौती होगी।

दिल्ली में सरकारी सेवाओं को सरल बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था और नागरिक-केंद्रित प्रशासन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में यह परियोजना भी सरकारी कामकाज को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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