ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को पाकिस्तान ने बताया ‘प्रोपेगेंडा

भारत के नैरेटिव पर उठाए सवाल

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इस्लामाबाद, 19 अगस्त 2026 । ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान ने इस डॉक्यूमेंट्री को कथित तौर पर भारत का ‘प्रोपेगेंडा’ करार दिया है। पाकिस्तान की ओर से आरोप लगाया गया कि डॉक्यूमेंट्री में घटनाक्रम को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया गया है और इसका उद्देश्य भारत के पक्ष में नैरेटिव तैयार करना है।

 पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है और इससे असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं।

अहमद शरीफ ने मंगलवार रात करीब 2 बजे सोशल मीडिया X पर यह बयान दिया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को ‘ट्रैजेडी और कॉमेडी’ तक बताया। उनका आरोप है कि फिल्म में कुछ चुनिंदा इंटरव्यू, भावुक कहानी और फिल्मी अंदाज का इस्तेमाल किया गया है।

कौन-कौन इसमें नजर आते हैं?

  • चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान
  • थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी
  • नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी
  • वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह
  • डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई
  • अन्य सैन्य अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ और पत्रकार

ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े घटनाक्रम और उसके सैन्य प्रभाव को लेकर भारत में लगातार चर्चा हो रही है। भारत ने इस अभियान को आतंकवादी हमले के जवाब में की गई सैन्य कार्रवाई के तौर पर पेश किया था, जबकि पाकिस्तान लंबे समय से भारत के दावों और कार्रवाई पर सवाल उठाता रहा है।

पाकिस्तान की ओर से डॉक्यूमेंट्री को लेकर की गई टिप्पणी को इसी व्यापक राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। इस मामले में दोनों देशों के दावों और उनके आधिकारिक नैरेटिव में बड़ा अंतर रहा है।

डॉक्यूमेंट्री में क्या दिखाया गया?

ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री में अभियान से जुड़े घटनाक्रम, सैन्य कार्रवाई और उसके बाद की परिस्थितियों को प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है। भारत में इसे सैन्य अभियान और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान का आरोप है कि इसमें उसके पक्ष को पर्याप्त जगह नहीं दी गई।

पाकिस्तान ने डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तुति पर आपत्ति जताते हुए इसे तथ्यात्मक रूप से एकतरफा बताया है। हालांकि, दोनों पक्षों के दावों को लेकर स्वतंत्र रूप से सत्यापन किए जाने की जरूरत बनी हुई है।

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी बयानबाजी

ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक बयानबाजी लगातार देखने को मिली है। सैन्य कार्रवाई के अलावा सोशल मीडिया, अंतरराष्ट्रीय मंचों और मीडिया के जरिए भी दोनों पक्ष अपने-अपने दावे सामने रखते रहे हैं।

डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया भी इसी सूचना और नैरेटिव की लड़ाई का हिस्सा मानी जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस विषय पर दोनों देशों की ओर से और बयान सामने आ सकते हैं।

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