लोक कल्याण मार्ग की प्राइम जमीन पर केंद्र की नजर, एयरफोर्स गोल्फ कोर्स भी वापस लेने की तैयारी

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नई दिल्ली, 05 अक्टूबर 2026 । केंद्र सरकार की कार्रवाई तेज होती दिख रही है। अब एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन को भी वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की खबर सामने आई है।

रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार चाहती है कि एयरफोर्स गोल्फ कोर्स के इस्तेमाल वाली जमीन को वापस आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के अधीन लाया जाए। इस संबंध में संबंधित पक्षों को जानकारी दी गई है। हालांकि, अभी जमीन पर कब्जा लेने की कोई अंतिम तारीख या भविष्य में इसके इस्तेमाल को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

हालांकि, किसी खास प्रोजेक्ट या जमीन पर कब्जा लेने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि आने वाले समय में जमीन वापस मिलने के बाद इसे आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के अधीन लाने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि एयरफोर्स गोल्फ कोर्स को लेकर मामला नया नहीं है। L&DO ने 2017 में एयरफोर्स स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स समेत इस इलाके की कुछ संपत्तियों को खाली कराने के नोटिस दिए थे, लेकिन उस समय कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन क्यों अहम है?

लोक कल्याण मार्ग दिल्ली का बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाका है। यहां प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास भी स्थित है। ऐसे में इस क्षेत्र में मौजूद बड़े भूखंडों का इस्तेमाल केवल सामान्य व्यावसायिक या निजी गतिविधियों के लिए करने के बजाय सरकारी और सार्वजनिक जरूरतों के लिहाज से करने पर जोर दिया जा रहा है।

एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन भी इसी रणनीतिक इलाके में आती है। सरकार की ओर से जमीन वापस लेने का कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब आसपास की कई अन्य प्राइम जमीनों को भी वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है।

रेस क्लब और पोलो ग्राउंड के बाद अब गोल्फ कोर्स

लोक कल्याण मार्ग और आसपास के इलाके में जमीनों को लेकर केंद्र की कार्रवाई पिछले कुछ समय से चर्चा में है। दिल्ली रेस क्लब की करीब 53 एकड़ जमीन अगस्त 2026 में केंद्र सरकार के कब्जे में ली गई थी और उसके रखरखाव के लिए सीपीडब्ल्यूडी को सौंपा गया था।

इसके अलावा इंडियन पोलो एसोसिएशन और दिल्ली जिमखाना क्लब से जुड़ी जमीनों को लेकर भी सरकारी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अब एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन को लेकर कदम इस पूरी प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण बना देता है।

जमीन वापस लेने के बाद क्या होगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन वापस लेने के बाद सरकार इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए करेगी। फिलहाल इसका कोई आधिकारिक प्लान सार्वजनिक नहीं किया गया है।

रिपोर्टों में इसे व्यापक तौर पर सार्वजनिक उपयोग, प्रशासनिक जरूरतों और रणनीतिक महत्व वाली परियोजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, जब तक केंद्र सरकार की ओर से किसी खास परियोजना की घोषणा नहीं होती, तब तक जमीन के भविष्य के उपयोग को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

2017 में भी जारी हुए थे नोटिस

एयरफोर्स से जुड़ी कुछ संपत्तियों को खाली कराने का मुद्दा नया नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, 2017 में लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जयपुर पोलो ग्राउंड और ओल्ड विलिंगडन कैंप समेत कुछ संपत्तियों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किए थे। हालांकि उस समय कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी।

अब कई साल बाद लोक कल्याण मार्ग इलाके की सरकारी जमीनों को लेकर फिर से प्रक्रिया तेज होने से इस पुराने मामले की भी चर्चा शुरू हो गई है।

क्या PM आवास के आसपास और जमीनें भी वापस होंगी?

एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन को लेकर सामने आई कार्रवाई के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री आवास के आसपास मौजूद दूसरी लीज या कब्जे वाली जमीनों पर भी केंद्र सरकार आगे कार्रवाई करेगी।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि L&DO इस इलाके में जमीनों की स्थिति को लेकर सक्रिय है। रेस क्लब, पोलो ग्राउंड और जिमखाना क्लब से जुड़े मामलों के बाद एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन का मामला सामने आया है। हालांकि, कितनी जमीन वापस ली जाएगी और उसका इस्तेमाल किस परियोजना में होगा, इसकी तस्वीर आने वाले समय में ही साफ होगी।

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