22 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके जज रवि दिवाकर ने गनर बदलने पर उठाए सवाल

0

मुजफ्फरनगर, 18 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चर्चित ज्ञानवापी मामले से देशभर में सुर्खियों में आए न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपनी सुरक्षा में तैनात गनर को बदले जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव पर चिंता जताई है। जज दिवाकर ने अपने पत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए गनर बदलने के फैसले पर स्पष्टीकरण की मांग की है। न्यायाधीश के अनुसार शासनादेश और इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। उनका सवाल है कि जब सुरक्षा व्यवस्था व्यक्तिगत तौर पर निर्धारित है तो गनर बदलने का निर्णय बिना जानकारी दिए क्यों लिया गया।

जज रवि कुमार दिवाकर कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों में फैसले देने के कारण चर्चा में रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने महज आठ महीने की अवधि में 22 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। ऐसे मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही वजह है कि गनर बदले जाने का मामला अब चर्चा में आ गया है।

DGP को भेजे गए पत्र में जज ने सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का उल्लेख करते हुए यह सवाल उठाया कि आखिर उनकी सुरक्षा में तैनात गनर को क्यों बदला गया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी बदलाव से पहले उससे जुड़े कारणों और संभावित जोखिमों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। पत्र सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

जज रवि दिवाकर के कई फैसले बेहद संवेदनशील मामलों से जुड़े रहे हैं। उनके द्वारा सुनाई गई सजा-ए-मौत की संख्या को देखते हुए सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, गनर बदलने के पीछे पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कारण बताए गए हैं, यह स्पष्ट होना बाकी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.