नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026 । बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त से जुड़े पुणे के नाइटक्लब Ballr में गाने बजाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। Phonographic Performance Limited (PPL) India ने आरोप लगाया कि क्लब में जरूरी लाइसेंस के बिना कॉपीराइट वाले गाने सार्वजनिक रूप से बजाए जा रहे थे। मामले पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए क्लब को PPL के कॉपीराइटेड साउंड रिकॉर्डिंग्स को बिना आवश्यक लाइसेंस के बजाने से रोक दिया है।
पुणे में एक्टर संजय दत्त के नाइटक्लब Ballr पर कॉपीराइट विवाद खड़ा हो गया है। क्लब में बिना इजाजत कॉपीराइट वाले गाने बजाए जा रहे थे।
फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायत की कि क्लब में बिना लाइसेंस कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल हो रहा है। कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत देते हुए Ballr को जरूरी लाइसेंस के बिना अपने कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग सार्वजनिक रूप से बजाने से रोक दिया।
PPL के एक प्रतिनिधि ने 24 जून को Ballr का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने क्लब में PPL के कलेक्शन के कई कॉपीराइट वाले गाने बजते हुए पाए। Ballr के मालिक एक्टर संजय दत्त और हेरंब शेलके हैं।
इन गानों में ‘बदतमीज दिल’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘दर्द-ए-डिस्को’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘दस बहाने’ शामिल हैं।
कॉपीराइट म्यूजिक के इस्तेमाल पर बढ़ी नजर
यह मामला सिर्फ संजय दत्त के क्लब तक सीमित नहीं है। कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों में मनोरंजन के लिए कॉपीराइटेड संगीत का सार्वजनिक प्रदर्शन करने के लिए संबंधित अधिकारधारकों से आवश्यक अनुमति या लाइसेंस लेना पड़ सकता है। PPL ने भी बिना लाइसेंस संगीत इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
संजय दत्त की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं
रिपोर्टों के अनुसार, इस विवाद पर संजय दत्त की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला अदालत में है और क्लब को बिना आवश्यक लाइसेंस के संबंधित कॉपीराइट म्यूजिक बजाने से रोक दिया गया है।