नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026 । चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। घरेलू बाजार में चांदी करीब ₹3,414 प्रति किलोग्राम सस्ती होकर ₹2.34 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई। हालिया तेजी के बाद कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की चाल, डॉलर की स्थिति और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय कर सकती हैं।
इस साल सोने-चांदी में अब तक तेजी रही
इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है।
चांदी की कीमत में 4 हजार रुपए की बढ़त है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.34 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात लागत और वैश्विक मांग भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करती है।
वर्तमान बाजार में निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। इन संकेतकों में बदलाव होने पर चांदी की कीमतों में फिर तेज हलचल देखने को मिल सकती है।
क्या आगे फिर बढ़ सकती है चांदी?
चांदी को लेकर बाजार में अभी भी सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के संकेत मौजूद हैं। एक तरफ औद्योगिक इस्तेमाल और निवेश मांग इसे समर्थन दे सकते हैं, वहीं ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली कीमतों पर दबाव डाल सकती है।
इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी है कि केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर फैसला न लें। चांदी में निवेश करने से पहले कीमत, समयावधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर होगा।